पाकिस्तान और अफगानिस्तान अव्यवस्था और अराजकता का जोखिम नहीं उठा सकते क्योंकि ऐसी परिस्थितियों में दोनों देशों के लिए प्रलयकारी परिणाम सामने आएंगे। पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने यह बात कही है। डॉन अखबार में बृहस्पतिवार को आई खबर के मुताबिक, बाजवा ने बुधवार को पश्चिमी सीमा पर सैनिकों से मुलाकात के दौरान उक्त टिप्पणी की।
साथ ही बाजवा ने पेशावर के एक अस्पताल का दौरा कर मदरसे में हुए धमाके के दौरान घायल हुए लोगों का हाल जाना और जान गंवाने वालों के परिजन के प्रति संवेदना व्यक्त की। पेशावर शहर में एक मदरसे में मंगलवार को एक शक्तिशाली बम विस्फोट हुआ था, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई थी।
अखबार के मुताबिक, सेना प्रमुख ने कहा कि पाकिस्तान में रह रहे अफगान शरणार्थियों को विरोधी ताकतों को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए ताकि वे जाने-अनजाने में आतंकवादी गतिविधियों में इस्तेमाल नहीं हों। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान हमेशा ही अफगानिस्तान में शांति चाहता है और पड़ोसी देश में शांति और स्थिरता की बहाली के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगा।
बाजवा ने कहा कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने पिछले दो दशकों में आतंकवाद का सामना किया है। साथ ही उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने अपने दरवाजे अफगान शरणार्थियों के लिए खोले। उन्होंने पाकिस्तान-अफगानिस्तान की सीमा पर बाड़ को ‘शांति की बाड़’ करार देते हुए कहा कि यह आतंकवादियों की अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए है।


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