‘विदेशी ताकत’ के खिलाफ एकजुट हो पाकिस्तान… इमरान ने किया आह्वान, राष्ट्रपति अल्वी ने लिखा EC को पत्र

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पाकिस्तान में जारी राजनीतिक संकट के बीच सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान को रोकने के फैसले पर सुनवाई कल तक के लिए स्थगित कर दी।

पाकिस्तान में जारी राजनीतिक संकट के बीच सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान को रोकने के फैसले पर सुनवाई कल तक के लिए स्थगित कर दी। बताते चलें कि पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में डिप्टी स्पीकर कासिम खान सूरी ने रविवार को संविधान के अनुच्छेद 5 का हवाला देते हुए पीएम इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। वहीं इमरान खान मौजूदा संकट में विदेशी फंडिंग को लेकर अमेरिका पर आरोप लगाते रहे हैं और उन्होंने इसी आधार पर अविश्वास प्रस्ताव को खारिज करने की मांग की थी।
इमरान ने विदेशी ताकत के खिलाफ जनता से विरोध का किया आह्वान 
इमरान खान ने आज देश की संप्रभुता में दखल देने वाली विदेशी ताकत (अमेरिका) के खिलाफ जनता से विरोध करने का आह्वान किया। पीएम इमरान खान ने ट्वीट किया “लोग हमेशा एक देश की संप्रभुता और लोकतंत्र के सबसे मजबूत रक्षक होते हैं। स्थानीय सहयोगियों के माध्यम से एक विदेशी शक्ति द्वारा पाकिस्तान की संप्रभुता और लोकतंत्र पर इस नवीनतम और सबसे बड़े हमले के खिलाफ लोगों को बाहर आना चाहिए और बचाव करना चाहिए।”
पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने चुनाव आयोग को लिखा पत्र
वहीं पाकिस्तान के समा टीवी के अनुसार, राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने चुनाव आयोग को एक पत्र भेजकर आम चुनावों की तारीखों की घोषणा करने का अनुरोध किया है। सूरी के अविश्वास प्रस्ताव को खारिज करने के तुरंत बाद, राष्ट्रपति अल्वी ने इमरान खान की सलाह पर विधानसभा को भंग कर दिया, जिससे 90 दिनों में चुनाव होना जरूरी हो गया है। हालांकि, विपक्ष अब सुप्रीम कोर्ट का रुख कर चुका है जो यह देख रही है कि क्या डिप्टी स्पीकर ने प्रस्ताव को खारिज करने में लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन किया था। 
SC में जारी है अविश्वास प्रस्ताव को खारिज करने की प्रक्रिया पर सुनवाई 
आज पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश उमर अता बंदियाल ने उस आधार पर सवाल उठाया जिसके आधार पर स्पीकर ने फैसला सुनाया। डॉन ने उनके हवाले से कहा, “क्या स्पीकर तथ्यों को पेश किए बिना इस तरह के फैसले की घोषणा कर सकते हैं।” मुख्य न्यायाधीश ने सरकारी वकील बाबर अवान से अदालत को सूचित करने के लिए भी कहा कि क्या स्पीकर एक फैसला जारी कर सकते हैं जो अनुच्छेद 95 को दरकिनार कर दिन के एजेंडे में नहीं था। 
इमरान ने कुर्सी बचाने के लिए अपनाया था हथकंडा?
डिप्टी स्पीकर ने उस दिन प्रस्ताव को खारिज कर दिया जिस दिन खान के खिलाफ मतदान होना था। अगर ऐसा होता तो इमरान खान निश्चित रूप से सत्ता से बाहर हो जाते। हालांकि, मतदान होने से पहले ही, इमरान खान सरकार के एक मंत्री फवाद चौधरी ने डिप्टी स्पीकर से कहा कि प्रस्ताव के पीछे विदेशी हाथ था और इसलिए यह देखा जाना चाहिए कि मतदान होना चाहिए या नहीं।

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