मनीला, 24 मार्च (आईएएनएस)। मिडिल ईस्ट तनाव का असर पूरी दुनिया में पड़ रहा है। एशिया के कई देशों ने इसकी तैयारी की, तो कुछ अभी मौजूदा हालात पर नजर बनाए हुए हैं। ईंधन की भारी किल्लत फिलीपींस में भी महसूस की जाने लगी है। वर्तमान हालात को देखते हुए फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस ने देश में नेशनल एनर्जी इमरजेंसी, यानी राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल, घोषित कर दिया है।
राष्ट्रपति ने एक कार्यकारी आदेश जारी करते हुए कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष को इसकी वजह बताया। उन्होंने कहा, “मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालात को देखते हुए ऊर्जा आपूर्ति की उपलब्धता और स्थिरता पर खतरे को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल घोषित किया जाता है।”
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के चलते वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हो रही है और कई देशों में ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ रही है।
इसके कुछ घंटे पहले देश के ऊर्जा सचिव ने कहा था कि फिलीपींस ने अपने कोयले से चलने वाले पावर प्लांट का प्रोडक्शन बढ़ाने की योजना बनाई है ताकि बिजली की लागत कम रखी जा सके, क्योंकि लड़ाई की वजह से गैस शिपमेंट नहीं हो पा रहा है।
यह ऑर्डर देश के ऊर्जा विभाग को फ्यूल कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए 15 फीसदी का अग्रिम भुगतान करने और जमाखोरी या मुनाफाखोरी के खिलाफ सीधी कार्रवाई करने का अधिकार देता है।
ऑर्डर में कहा गया है, “यह घोषणा… सरकार को, एनर्जी डिपार्टमेंट और दूसरी संबंधित एजेंसियों के जरिए, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और घरेलू अर्थव्यवस्था में रुकावटों से होने वाले खतरों से निपटने के लिए मौजूदा कानूनों के तहत जवाबदेह और मिलकर कदम उठाने में मदद करेगी।” आदेश परिवहन विभाग को पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन फ्यूल सब्सिडी पर फैसला लेने, टोल चार्ज और एविएशन फीस को कम करने या सस्पेंड करने का अधिकार भी देता है।
फिलीपींस के कुछ इलाकों में जहां एनर्जी की लागत सबसे ज्यादा है, अपने पावर प्लांट को चालू रखने के लिए आयातित ईंंधन पर बहुत ज्यादा निर्भर है।
–आईएएनएस
केआर/
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



