कोड़े, गोलियां और अब ‘फूड ब्लॉकेड’! POK को का आंदोलन कुचलने की तैयारी में पाकिस्तानी सेना

POJK Food Supply Crisis

POJK Food Supply Crisis : पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (POJK) में पिछले कई हफ्तों से जारी जन आंदोलन के बीच हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। क्षेत्र के राजनीतिक नेताओं और प्रदर्शनकारियों ने अब पाकिस्तान सरकार और वहां के सुरक्षा बलों पर एक नया और बेहद गंभीर आरोप लगाया है।

आंदोलनकारियों का दावा है कि उनके शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को कुचलने के लिए पाकिस्तान ने इस पूरे इलाके की खाद्य आपूर्ति रोकनी शुरू कर दी है, जिससे आम जनता के सामने राशन का संकट खड़ा हो गया है।

फ़ूड ब्लोकेज का लगाया आरोप

POJK Food Supply Crisis
source : social media

स्थानीय नेताओं के मुताबिक, मीरपुर के दाहंगली एंट्री प्वाइंट पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने कड़ा पहरा लगा दिया है। वहां से गुजरने वाले हर वाहन की सघन तलाशी ली जा रही है और गाड़ियों में लदे फल, सब्जियां, मांस व अन्य जरूरी खाद्य पदार्थों को जबरन जब्त किया जा रहा है।

इन राशन से भरे वाहनों को पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर की सीमा में दाखिल नहीं होने दिया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि पाकिस्तान सरकार इस “फूड ब्लॉकेड” (खाद्य नाकेबंदी) के जरिए लोगों को भूखा मारकर आंदोलन पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर इसे मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन बताते हुए इसकी तीखी निंदा की जा रही है।

डंडे और बैनर लेकर सड़कों पर लोग

घाटी में गुस्सा इस कदर भड़क चुका है कि रावलाकोट, बाघ, हट्टियां बाला, कोटली, मीरपुर, सुधनोती, धीरकोट, डड्याल और मुजफ्फराबाद समेत लगभग सभी प्रमुख शहरों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं। जमीन से आ रही खबरों के मुताबिक, इस स्वतःस्फूर्त आंदोलन में अब तक 1.5 लाख से ज्यादा लोग शामिल हो चुके हैं। लोग हाथों में लकड़ी के डंडे और बैनर लेकर अपनी आजादी के समर्थन में और पाकिस्तानी हुकूमत की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं।

फायरिंग में 11 की मौत

जैसे-जैसे आंदोलन हिंसक रूप ले रहा है, सुरक्षा बलों की कार्रवाई भी उतनी ही क्रूर होती जा रही है। शुरुआती इनपुट्स के अनुसार, बेकाबू होती भीड़ को रोकने के लिए पाकिस्तानी सेना और स्थानीय पुलिस की तरफ से की गई अंधाधुंध गोलीबारी में अब तक कम से कम 11 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 70 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

हालांकि प्रशासन इस पूरी कार्रवाई को कानून-व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश बता रहा है, लेकिन इस ताजा फूड ब्लॉकेड और गोलीबारी की घटना ने पूरे क्षेत्र में एक नई बहस छेड़ दी है, जिससे आने वाले दिनों में तनाव और बढ़ने के आसार हैं।

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