सीजफायर का गुणगान और पाकिस्तानी आतंक पर साधी चुप्पी, इस सवाल से बचते नजर आए अमेरिकी मंत्री

Summary :

सीजफायर पर अमेरिकी मंत्री की प्रशंसा, पाक मुद्दे पर मौन

अमेरिका की मध्यस्थता से भारत-पाक संघर्षविराम सफल हुआ, राष्ट्रपति ने इसे अपनी सफलता बताया. व्हाइट हाउस ने शांति की सराहना की, लेकिन पाक आतंक पर अमेरिकी मंत्री ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.

America News: भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिन तक चले सैन्य संघर्ष के बाद आखिरकार सीजफायर के जरिए हालात पर काबू पा लिया गया. यह संघर्षविराम अमेरिका की मध्यस्थता से संभव हो सका. इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति लगातार इस सफलता का श्रेय खुद को देने में लगे हैं. वहीं, व्हाइट हाउस ने भी दोनों देशों द्वारा शांति का रास्ता अपनाने की सराहना की है.

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी विदेश विभाग के प्रमुख उप प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने मंगलवार को भारत और पाकिस्तान द्वारा युद्ध रोकने के फैसले का स्वागत किया. हालांकि, जब उनसे पाकिस्तान में मौजूद आतंकी गतिविधियों को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने इसका सीधा जवाब देने से परहेज किया.

क्या बोले पिगॉट?

पिगॉट से जब पूछा गया कि क्या अमेरिका को पाकिस्तान से उसके आतंकी ढांचे को खत्म करने या आतंकी समूहों को समर्थन बंद करने के बारे में कोई आश्वासन या प्रतिबद्धता मिली है. तो उन्होंने कहा कि अमेरिका दोनों देशों के बीच सीधे संवाद को अहम मानता है और ऐसे प्रयासों को प्रोत्साहित करता है. उन्होंने कहा, ‘हम भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुए सीजफायर का स्वागत करते हैं और दोनों नेताओं द्वारा शांति की राह अपनाने की कोशिशों की सराहना करते हैं.’

ट्रंप ने फिर लिया सीजफायर का श्रेय

सऊदी अरब की अपनी द्विपक्षीय यात्रा के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया कि उनकी व्यापारिक धमकियों के चलते भारत और पाकिस्तान सीजफायर पर राजी हुए. उन्होंने खुद को ‘शांति दूत’ बताते हुए कहा कि जैसे उन्होंने सीरिया पर प्रतिबंध हटाने का निर्णय लिया, उसी तरह भारत-पाक संघर्ष को भी उन्होंने सुलझाया.

Donald Trump को मिलगा सबसे मंहगा तोहफा, कतर सरकार देगी 3400 करोड़ का महल जैसा प्लेन

‘भारत ने ट्रंप के दावे को नकारा’

भारत सरकार ने ट्रंप के इन बयानों को सिरे से खारिज करते हुए साफ कहा कि सीजफायर के पीछे कोई व्यापारिक दबाव नहीं था. भारत ने ट्रंप के बार-बार खुद को श्रेय देने के दावे को “क्रेडिट लेने की राजनीति” करार दिया.

भारत का आतंक को करारा जवाब

सीजफायर से पहले भारत ने पहलगाम हमले के जवाब में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया, जिसमें पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया गया. इस ऑपरेशन में भारत ने 9 आतंकी अड्डों को निशाना बनाते हुए करीब 100 आतंकियों को मार गिराया.

Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।

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सीजफायर पर अमेरिकी मंत्री की प्रशंसा, पाक मुद्दे पर मौन

अमेरिका की मध्यस्थता से भारत-पाक संघर्षविराम सफल हुआ, राष्ट्रपति ने इसे अपनी सफलता बताया. व्हाइट हाउस ने शांति की सराहना की, लेकिन पाक आतंक पर अमेरिकी मंत्री ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.

America News: भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिन तक चले सैन्य संघर्ष के बाद आखिरकार सीजफायर के जरिए हालात पर काबू पा लिया गया. यह संघर्षविराम अमेरिका की मध्यस्थता से संभव हो सका. इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति लगातार इस सफलता का श्रेय खुद को देने में लगे हैं. वहीं, व्हाइट हाउस ने भी दोनों देशों द्वारा शांति का रास्ता अपनाने की सराहना की है.

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी विदेश विभाग के प्रमुख उप प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने मंगलवार को भारत और पाकिस्तान द्वारा युद्ध रोकने के फैसले का स्वागत किया. हालांकि, जब उनसे पाकिस्तान में मौजूद आतंकी गतिविधियों को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने इसका सीधा जवाब देने से परहेज किया.

क्या बोले पिगॉट?

पिगॉट से जब पूछा गया कि क्या अमेरिका को पाकिस्तान से उसके आतंकी ढांचे को खत्म करने या आतंकी समूहों को समर्थन बंद करने के बारे में कोई आश्वासन या प्रतिबद्धता मिली है. तो उन्होंने कहा कि अमेरिका दोनों देशों के बीच सीधे संवाद को अहम मानता है और ऐसे प्रयासों को प्रोत्साहित करता है. उन्होंने कहा, ‘हम भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुए सीजफायर का स्वागत करते हैं और दोनों नेताओं द्वारा शांति की राह अपनाने की कोशिशों की सराहना करते हैं.’

ट्रंप ने फिर लिया सीजफायर का श्रेय

सऊदी अरब की अपनी द्विपक्षीय यात्रा के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया कि उनकी व्यापारिक धमकियों के चलते भारत और पाकिस्तान सीजफायर पर राजी हुए. उन्होंने खुद को ‘शांति दूत’ बताते हुए कहा कि जैसे उन्होंने सीरिया पर प्रतिबंध हटाने का निर्णय लिया, उसी तरह भारत-पाक संघर्ष को भी उन्होंने सुलझाया.

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‘भारत ने ट्रंप के दावे को नकारा’

भारत सरकार ने ट्रंप के इन बयानों को सिरे से खारिज करते हुए साफ कहा कि सीजफायर के पीछे कोई व्यापारिक दबाव नहीं था. भारत ने ट्रंप के बार-बार खुद को श्रेय देने के दावे को “क्रेडिट लेने की राजनीति” करार दिया.

भारत का आतंक को करारा जवाब

सीजफायर से पहले भारत ने पहलगाम हमले के जवाब में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया, जिसमें पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया गया. इस ऑपरेशन में भारत ने 9 आतंकी अड्डों को निशाना बनाते हुए करीब 100 आतंकियों को मार गिराया.

Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।