अमेरिका की पत्रिका जर्नल ऑफ पॉलिटिकल साइंस (एजेपीएस) ने अपने नेिष्कर्ष में कहा है कि, कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले का बीजेपी पर बुरा असर पड़ा है। पत्रिका ने अपने अध्यन में कहा है कि, कश्मीर में बीजेपी के समर्थन पर नकारात्मक असर पड़ा है जहां पार्टी सत्ता में थी। पुलवामा हमला वर्ष 2019 में हुआ था जिसमें सीआरपीएक के 40 जवान शहीद हुए थे।
गांव स्तर के आकड़ों पर दी रिपोर्ट
पत्रिक ने दावा किया है कि गांव स्तर के आकड़ों बूथ-स्तरीय डेटा विशलेष्ण किया है और इस विशलेष्ण से हमें पता चला है कि, पुलवामा हमलेें में पीड़ितों के अंतिम संस्कार के जुलूसों की निकटता ने उन क्षेत्रों में भाजपा की शक्ति को कम कर दिया है। ‘एजेपीएस’ के मुताबिक सामान्य तौर पर राष्ट्रवादी सरकारें सुरक्षा संबंधी संकटों का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाती है और उनका लक्ष्य राष्ट्रीय सुरक्षा नीति को उपर रखना होता है।
सिर्फ सर्वेक्षण के आधार पर नहीं निकाला जा सकता निष्कर्ष : भाजपा प्रवक्ता
अमेरिकी पत्रिका की रिपोर्ट के निष्कर्ष पर भाजपा के प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने कहा है कि, सिर्फ सर्वेक्षण के आधार पर कोई निष्कर्ष नहीं निकल सकता। उन्होंने कहा, पुलवामा हमले के काफी नकारात्मक प्रभाव पड़े है। लेकिन सरकार ने जो कार्रवाई की उससे प्रधानमंत्री की एक सकारात्मक छवि बनाई है। उनका मतलब व्यवसाय है। ”


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