इजरायल और हमास के बीच चल रहे युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है। हमास द्वारा इजरायल पर किए हमले के बाद अमेरिका इजरायल के समर्थन में खड़ा हो गया है। राष्ट्रपति जो बाइडेन ने हर प्रकार से हरसंभव सहायता देने का आश्वसन दिया है, और चंद घंटों बाद ही सैन्य बेड़े इजरायल की ओर रवाना भी हो गया है। लेकिन इजरायल और फिलिस्तीनी संघर्ष में उतरे अमेरिका के लिए एक मुसीबत आ खड़ी हुई है, बता दें कि इजरायल को दी गई मदद के बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन भी सचेत हो गए है।
इज़राइल और फिलिस्तीनियों के युद्ध में आया एक नया मोड़
अमेरिका की इजरायल के लिए की जा रही इस मदद को लेकर उन्होंने चीन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के बाद एक प्रेस वार्ता में कहा, अमेरिका ने इज़राइल और फिलिस्तीनियों के बीच संघर्ष के जवाब में भूमध्य सागर में दो विमान वाहक पोत भेजे हैं, रूस ने भूमध्य सागर में अमेरिका की सीधी मौजूदगी को अपने लिए चेतावनी के तौर पर लिया है। इस साथ ही रूस ने किंजल हाइपरसोनिक मिसाइलों के साथ रूसी विमानों को काला सागर पर गश्त करने का निर्णय दिया है।
जानिए क्यों है भूमध्य सागर
दरअसल रूस समुद्री सीमा में घिर रहा है यानि एक तरह से दोनों ही देश बिना कहे ही एक-दूसरे के आमने-सामने हैं, भौगोलिक तौर पर देखें तो भूमध्य सागर और काला सागर की स्थिति और उनके बीच की दूरी भी उल्लेखनीय है, बता दें काला सागर उत्तर और उत्तर पश्चिम में यूक्रेन, पूर्व में रूस तथा जॉर्जिया, दक्षिण में तुर्की और पश्चिम में बुल्गारिया, रोमानिया से घिरा हुआ है।


Download Android App
Download iOS App


