नई दिल्ली, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमले की दुनिया भर ने कड़ी निंदा की है। सऊदी अधिकारियों के अनुसार, शनिवार को हुए हमले में 12 लोगों की मौत हो गई और 300 से अधिक लोग घायल हुए। मृतकों में सऊदी अरब के चार नागरिक और आठ विदेशी नागरिक शामिल हैं। सऊदी ने हमले के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकल्प लिया है।
रॉयटर्स के अनुसार हमले में बांग्लादेश, अमेरिका, जॉर्डन, फलस्तीन, सीरिया, सूडान और मिस्र के नागरिक भी मारे गए। सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने बताया कि घायलों में कुछ की हालत गंभीर है और उनका अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है। हमले से संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है।
संयुक्त राष्ट्र में यमन मामलों के विशेष दूत हंस ग्रुंडबर्ग ने सऊदी अरब के नागरिक हवाई अड्डों पर हुए हमलों को गंभीर तनाव बढ़ाने वाली कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के हमले क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं, हिंसा के चक्र को बढ़ाते हैं और यमन में शांति स्थापित करने के प्रयासों को और कठिन बनाते हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले को ‘भयानक’ बताया। उन्होंने कहा कि वह सऊदी अरब के वास्तविक सत्ता केंद्र माने जाने वाले क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से जल्द बात करेंगे।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि इसमें एक अमेरिकी नागरिक की मौत हुई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिका सऊदी अरब और उसके लोगों के साथ खड़ा है तथा पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता है।
वहीं, मिस्र के विदेश मंत्रालय ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताया। मंत्रालय ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई नागरिकों की सुरक्षा की अनदेखी करती है।
कतर ने भी हमले को सऊदी अरब की संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा बताया। कतर के विदेश मंत्रालय ने नागरिकों, नागरिक प्रतिष्ठानों और हवाई यातायात की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए सऊदी अरब के प्रति एकजुटता व्यक्त की।
फिलीस्तीन के विदेश मंत्रालय ने भी सऊदी अरब के साथ पूर्ण एकजुटता जताई और देश की सुरक्षा, संप्रभुता तथा नागरिकों और निवासियों की रक्षा के लिए उठाए जाने वाले कदमों का समर्थन किया।
भारत ने भी हमले की निंदा की। भारत ने सऊदी अरब की संप्रभुता की रक्षा के लिए उसके साथ एकजुटता भी जताई। विदेश मंत्रालय ने कहा कि आम नागरिकों और नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाकर किए जा रहे हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं और हिंसा को तुरंत रोका जाना चाहिए।
सऊदी अरब में जापान के दूतावास ने कहा कि नागरिकों पर हमले किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किए जा सकते।
यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब यमन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में सऊदी अरब के नेतृत्व वाला गठबंधन हूती विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य अभियान तेज कर रहा है। ईरान समर्थित हूती समूह यमन में सरकार समर्थक बलों के साथ संघर्ष कर रहा है।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने हूती को हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया है। गठबंधन के प्रवक्ता ने इसे युद्ध अपराध बताते हुए अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के अनुरूप जवाब देने की चेतावनी दी है।
हमले के बाद हवाई अड्डे पर उड़ान संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया। कई देशों के दूतावासों ने अपने नागरिकों को हवाई अड्डे और आसपास के इलाकों से दूर रहने की सलाह दी। कुवैत एयरवेज ने भी सुरक्षा स्थिति के कारण अपनी उड़ानें रद्द करने की जानकारी दी।
–आईएएनएस
केआर/
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