तेहरान, 25 जुलाई (आईएएनएस)। सऊदी अरब और यमन के बीच बढ़ते संघर्ष को ईरान ने ठीक नहीं माना है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची के अनुसार, संघर्ष का कोई सैन्य समाधान नहीं हो सकता है। उन्होंने सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए सभी पक्षों से बातचीत के रास्ते पर लौटने की अपील की। यह टिप्पणी दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर हमले किए जाने के बाद आया।
ईरानी दैनिक ईरान डेली को दिए एक इंटरव्यू में अराघची ने कहा, “हम मानते हैं कि यमन, बाब अल-मंदेब और क्षेत्र से जुड़े अन्य मुद्दों का कोई सैन्य समाधान नहीं है।” उन्होंने इन समस्याओं के समाधान के लिए संवाद को जरूरी बताया।
अराघची ने कहा कि यमन की स्थिति के लिए ईरान को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य क्षेत्र में हो रही घटनाओं को यमन, सऊदी अरब और क्षेत्र के अन्य देशों के बीच पुराने विवादों और मुद्दों से जुड़ा बताया।
खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव के बीच ईरान ने बताया कि शनिवार तड़के तक रात के दौरान कोई नया अमेरिकी हमला नहीं हुआ। यह लगभग दो सप्ताह तक लगातार चल रहे अमेरिकी हमलों के बाद पहली शांत रात बताई गई।
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन करमानपुर ने कहा कि “ईरान ने एक शांत रात बिताई।” इससे पहले की 13 रातों के विपरीत, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) की ओर से किसी नए हमले की घोषणा नहीं की गई।
ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, जारी संघर्ष में अब तक ईरान में 3,400 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 18 अमेरिकी सैनिकों, इजरायल में 24 नागरिकों और क्षेत्र के अन्य देशों में भी कई नागरिकों के मारे जाने की खबर है।
लेबनान में भी संघर्ष के कारण 4,000 से अधिक लोगों के मारे जाने की जानकारी दी गई है, जबकि 38 इजरायली सैनिकों की मौत की भी रिपोर्ट है।
–आईएएनएस
केआर/
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