श्रीप्रिया रंगनाथन की मिस्र, फिलिस्तीन और लेबनान यात्रा 16 अगस्त से, क्षेत्रीय मुद्दों पर होगी चर्चा

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नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। भारत की विदेश नीति के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम में विदेश मंत्रालय (एमईए) ने शनिवार को बताया कि विदेश सचिव (सीपीवी एवं ओआईए) राजदूत श्रीप्रिया रंगनाथन 16 से 21 अगस्त तक मिस्र, फिलिस्तीन और लेबनान की आधिकारिक यात्रा करेंगी। वर्तमान जिम्मेदारी संभालने के बाद इन तीनों देशों की उनकी यह पहली यात्रा होगी। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यात्रा के दौरान श्रीप्रिया रंगनाथन अपने समकक्षों के साथ-साथ विभिन्न हितधारकों से मुलाकात करेंगी। बातचीत में भारत और इन देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के साथ-साथ क्षेत्रीय घटनाक्रम और आपसी हित से जुड़े विभिन्न…

नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। भारत की विदेश नीति के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम में विदेश मंत्रालय (एमईए) ने शनिवार को बताया कि विदेश सचिव (सीपीवी एवं ओआईए) राजदूत श्रीप्रिया रंगनाथन 16 से 21 अगस्त तक मिस्र, फिलिस्तीन और लेबनान की आधिकारिक यात्रा करेंगी। वर्तमान जिम्मेदारी संभालने के बाद इन तीनों देशों की उनकी यह पहली यात्रा होगी।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, यात्रा के दौरान श्रीप्रिया रंगनाथन अपने समकक्षों के साथ-साथ विभिन्न हितधारकों से मुलाकात करेंगी। बातचीत में भारत और इन देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के साथ-साथ क्षेत्रीय घटनाक्रम और आपसी हित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा क्षेत्र के देशों के साथ भारत के मैत्रीपूर्ण संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगी।

पश्चिम एशिया में बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच भारत लगातार क्षेत्र के प्रमुख देशों के साथ संवाद और सहयोग को प्राथमिकता देता रहा है।

यात्रा के दौरान भारत और मिस्र के बीच ब्रिक्स सहयोग भी चर्चा के प्रमुख विषयों में रहेगा। श्रीप्रिया रंगनाथन ‘इंडिया-इजिप्ट इन ब्रिक्स: टुवर्ड्स अ स्ट्रॉन्गर वॉयस फॉर द ग्लोबल साउथ ’ (ब्रिक्स में भारत-मिस्त्र का साथ: ग्लोबल साउथ की मजबूत आवाज बनने की ओर अग्रसर ) विषय पर आयोजित कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्य भाषण देंगी।

इस कार्यक्रम में ब्रिक्स के मंच पर भारत और मिस्र के बीच साझेदारी को और मजबूत करने तथा ग्लोबल साउथ की आवाज को प्रभावी ढंग से सामने रखने के उपायों पर मंथन होगा। भारत और मिस्र के बीच लंबे समय से राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक संबंध रहे हैं तथा दोनों देश विभिन्न बहुपक्षीय मंचों पर भी सहयोग करते हैं।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि मिस्र, फिलिस्तीन और लेबनान की यह यात्रा भारत की क्षेत्रीय भागीदारी को और गहरा करने का अवसर देगी। वार्ताओं के दौरान आपसी हित के मुद्दों के अलावा क्षेत्रीय स्थिति पर भी विचारों का आदान-प्रदान होने की उम्मीद है।

मंत्रालय के मुताबिक, यह यात्रा इन तीनों देशों के साथ भारत के संबंधों को आगे बढ़ाने और मौजूदा सहयोग को नई गति देने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

–आईएएनएस

केआर/

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IANS Agency

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