तालिबान ने शुकव्रार को दावा किया कि उनके समूह ने दक्षिणी अफगनिस्तान में दो प्रमुख शहरों लश्कर गाह और कंधार को अपने नियंत्रण में ले लिया है। अफगानिस्तान के अधिकारियों ने कहा है कि तालिबान ने एक और प्रांतीय राजधानी पर कब्जा कर लिया है। कंधार प्रांत की राजधानी कंधार अफगानिस्तान की 34 प्रांतीय राजधानियों में से 12वीं राजधानी है जिस पर उग्रवादियों का कब्जा हो गया है। कंधार देश का दूसरा सबसे बड़ा शहर है।
तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कहा कि उनक समूह ने गुरुवार की रात हेलमंड प्रांत की राजधानी लश्कर गाह में प्रांतीय पुलिस मुख्यालय सहित सरकारी कार्यालयों पर कब्जा कर लिया। उन्होंने यह भी दावा किया कि पड़ोसी कंधार प्रांत की राजधानी कंधार शहर के सभी हिस्सों पर कब्जा कर लिया गया है।सोशल मीडिया पर वायरल हुए फुटेज में तालिबान लड़के इन शहरों में चहलकदमी करते नजर आ रहे हैं।
तालिबान ने गुरुवार की रात घोषणा की थी कि उन्होंने देश के पश्चिमी हिस्से में हेरात और काला-ए-नव शहरों पर कब्जा कर लिया है, वहीं अपुष्ट रिपोर्टों में पश्चिमी शहर फिरोज कोह भी तालिबान के अधीन होने की जानकारी दी गयी है। अफगान सरकार ने हालांकि तालिबान के दावे की अब तक पुष्टि नहीं की है। तालिबान के लड़ाके ऐतिहासिक शहर में ग्रेट मस्जिद से आगे बढ़ गए और सरकारी इमारतों पर कब्जा कर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एक सरकारी इमारत से रूक-रूक कर गोलीबारी की आवाज आ रही थी जबकि बाकी के शहर में शांति थी और वहां पर तालिबान का कब्जा हो चुका था।
गजनी पर तालिबान के कब्जे से अफगानिस्तान की राजधानी को देश के दक्षिण प्रांतों से जोड़ने वाला अहम राजमार्ग कट गया। काबुल अभी सीधे खतरे में नहीं है लेकिन तालिबान की देश में पकड़ मजबूत होती जा रही है और दो तिहाई से अधिक क्षेत्र पर वह काबिज हो गया है। उग्रवादी संगठन अन्य प्रांतीय राजधानियों में सरकारी बलों पर दबाव बना रहा है। बदतर होते सुरक्षा हालात को देखते हुए अमेरिका काबुल में अमेरिकी दूतावास से कर्मियों को निकालने के लिए 3,000 सैनिकों को भेज रहा है।
वहीं, ब्रिटेन भी देश से अपने नागरिकों को निकलने में मदद देने के लिए कुछ समय के लिए करीब 600 सैनिकों की वहां पर तैनाती करेगा। अफगानिस्तान से अमेरिका और नाटो बलों की वापसी के बीच तालिबान ने बृहस्पतिवार को काबुल के निकट एक और प्रांतीय राजधानी गजनी पर कब्जा कर लिया था। काबुल के दक्षिणपश्चिम में 130 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गजनी में उग्रवादियों ने श्वेत झंडे फहराए थे।
गजनी के तालिबान के हाथों में जाने से यहां अब सरकारी बलों की आवाजाही में मुश्किलें आएंगी क्योंकि यह काबुल-कंधार राजमार्ग पर है। इस बीच अफगानिस्तान के सबसे बड़े शहरों में से एक लश्कर गाह में लड़ाई तेज हो गई है। हेलमंद से सांसद नसीमा नियाजी ने बताया कि बुधवार को आत्मघाती कार बम हमले में राजधानी के क्षेत्रीय पुलिस मुख्यालय को निशाना बनाया गया था।
तालिबान ने मुख्यालय पर कब्जा कर लिया और कुछ पुलिस अधिकारियों ने उनके सामने आत्मसमर्पण कर दिया तो कुछ ने नजदीक के गवर्नर्स कार्यालय में शरण ली जो अब भी सरकारी बलों के कब्जे में है। कंधार में बुधवार रात को तालिबान लड़ाकों ने कारागार पर हमला किया और कैदियों को छुड़वा लिया। नियाजी ने इलाके में हवाई हमलों की निंदा की और आशंका जताई कि इसमें आम नागरिक मारे जा सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘तालिबान के लड़ाके स्वयं को सुरक्षित करने के लिए आम लोगों के घरों का इस्तेमाल करते हैं और सरकार नागरिकों की परवाह किए बगैर हवाई हमले कर रही है।’’


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