नई दिल्ली, 22 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय वायुसेना के साल के सबसे बड़े मल्टीनेशनल अभ्यास ‘तरंग शक्ति 2.0’ की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। तरंग शक्ति के दूसरे एडिशन में इस बार सबकी नजरें होंगी पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट पर टिकी हैं।
अमेरिका अपने एफ-35 के साथ अभ्यास में शिरकत कर रहा है। यह पहली बार होगा कि भारत में एफ-35 किसी सैन्य अभ्यास में हिस्सा ले रहा है। इससे पहले एयरो इंडिया में पहली बार एफ-35 शामिल हुआ था।
भारतीय वायुसेना के वाइस चीफ एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने बताया कि नहीं, पहली बार नहीं। हम पहले भी एफ-35 ऑपरेट करने वाले देशों के साथ अभ्यास कर चुके हैं और उनके साथ आयोजित अभ्यासों में भाग लिया है। मेरी याददाश्त के अनुसार, ऐसे दो-तीन अभ्यास हो चुके हैं। हां, भारत में यह पहली बार है।
उन्होंने पांचवी पीढ़ी के फाइटर जेट के संदर्भ में कहा, “जहां तक फिफ्थ जेनरेशन के लड़ाकू विमान का सवाल है, इसके दो पहलू हैं। पहला, हम अपना पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान विकसित कर रहे हैं। इसके लिए हमारे पास आवश्यक सपोर्ट सिस्टम, कौशल और तकनीकी क्षमता भी है। दूसरा पहलू यह है कि इस क्षमता के विकास के माध्यम से हम आवश्यक विशेषज्ञता भी विकसित कर रहे हैं। मेरा मानना है कि यही अधिक महत्वपूर्ण पहलू है।”
इस अभ्यास में कुल 7 देश अपने एयरक्राफ्ट के साथ हिस्सा ले रहे हैं, जिसमें अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, यूएई, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका के साथ-साथ बांग्लादेश भी शामिल है। इसके अलावा, 32 देश ऑब्जर्वर के तौर पर शामिल हो रहे हैं।
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने बताया कि 65 देशों को इन्वाइट किया गया था। इनका चयन अभ्यास के खास कॉन्स्ट्रक्ट के आधार पर किया गया है। इसी कॉन्स्ट्रक्ट के अनुसार इन देशों को चुना गया है। अभ्यास में भाग लेने वाले मित्र देशों की वायु सेनाओं के साथ हमारा एक निश्चित स्तर का इंटर-ऑपरेबिलिटी होगा। इसलिए उसी के अनुरूप अभ्यास का कॉन्स्ट्रक्ट तैयार किया गया है।
उन्होंने कहा कि हम इन देशों की भागीदारी और उनके द्वारा लाई जा रही क्षमताओं का लाभ उठाएंगे। आमतौर पर कुछ देश इस विशेष कॉन्स्ट्रक्ट का हिस्सा नहीं होते हैं। हम उन देशों के साथ अलग-अलग अभ्यास करते हैं, लेकिन वे इस अभ्यास का हिस्सा नहीं हैं।
यह अभ्यास 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक जोधपुर एयरबेस पर आयोजित किया जा रहा है। दो हफ्ते से ज्यादा समय तक चलने वाले इस अभ्यास में पाकिस्तान सीमा के करीब मित्र देशों के लड़ाकू विमान भारतीय वायुसेना के साथ साझा युद्धाभ्यास करेंगे।
इस साल अभ्यास में शामिल देश और विमान
अमेरिका : 6 एफ-35, 2 केसी-135
ऑस्ट्रेलिया : 1 सी-130
बांग्लादेश : 1 सी-130
फ्रांस : 7 राफेल, 3 ए 400 एम, 2 एमआरटीटी
जर्मनी: 2 ए 400 एम
भारत : राफेल, एसयू-30 एमकेआई, एलसीए, जगुआर, मिराज, मिग-29
श्रीलंका : 1 किंग एयर 350
यूएई : 6 एफ-16, 1 ग्लोबल 6000
इससे पहले भारतीय वायुसेना ने साल 2024 में अपने सबसे बड़े मल्टीनेशनल वायु सैन्य अभ्यास ‘तरंग शक्ति’ की शुरुआत की थी। तरंग शक्ति का पहला संस्करण दो चरणों में आयोजित किया गया था। पहला चरण तमिलनाडु के सुलूर एयरबेस और दूसरा चरण राजस्थान के जोधपुर एयरबेस में आयोजित हुआ था।
सुलूर एयरबेस पर आयोजित पहले चरण में फ्रांस के राफेल, जर्मनी, स्पेन और ब्रिटेन के यूरोफाइटर टाइफून लड़ाकू विमान शामिल हुए थे। वहीं, भारतीय वायुसेना के लगभग सभी प्रमुख प्लेटफॉर्म, राफेल, सुखोई, मिराज 2000, जगुआर, तेजस, मिग-29 और प्रचंड, ने अपनी ऑपरेशनल क्षमता का प्रदर्शन किया था।
दूसरा चरण जोधपुर में आयोजित किया गया था। इस चरण में ऑस्ट्रेलिया का ईए-18जी ग्रोलर, ग्रीस का एफ-16, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का एफ-16 तथा अमेरिका के ए-10 और एफ-16 सहित कुल 27 लड़ाकू विमान शामिल हुए थे। इसके अलावा, दो एयर-टू-एयर रीफ्यूलर, दो एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (अवाक्स) और तीन स्पेशल फोर्स एयरक्राफ्ट भी अभ्यास का हिस्सा बने थे।
–आईएएनएस
एबीएम/
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