चीन ने बुधवार को चेतावनी दी कि अगर ताइवान “स्वतंत्रता” की ओर बढ़ा तो युद्ध छिड़ सकता है। चीन के विदेश मंत्रालय ने यह बात कही है। चीन, ताइवान को अपना अभिन्न अंग मानता है जिसे बल प्रयोग से ही सही, मुख्य भूमि यानि चीन के साथ फिर से जोड़ा जाना है।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वू कियान ने श्वेत पत्र जारी करते हुए कहा कि चीन ताइवान को उसके मुख्य भू-भाग (चीन) से शांतिपूर्ण तरीके से फिर से जोड़ने के लिये पूरी ताकत लगा देगा। वू ने कहा, “हालांकि, हम दृढ़तापूर्वक यह भी कहना चाहते हैं कि अगर ताइवान ने स्वतंत्रता की मांग की तो यह खतरनाक कदम होगा। अगर कुछ लोगों ने ताइवान को देश से अलग करने की हिम्मत की तो चीन की सेना राष्ट्रीय संप्रभुता, एकता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिये युद्ध को भी तैयार रहेगी।”
गौरतलब है कि अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने हाल ही में ताइवान के साथ 2.2 अरब डॉलर के रक्षा सौदे को मंजूरी दी थी, जिस पर चीन ने आपत्ति जताई थी। चीन ने यह कहते हुए इस कदम का पुरजोर विरोध किया था कि अमेरिका का हथियार बेचना, चीन की संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ है।
साथ ही यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों और ‘वन-चाइना’ नीति के बुनियादी नियमों का भी उल्लंघन है। हालांकि ताइवान ने सौदे का बचाव करते हुए कहा था कि अमेरिकी हथियार, चीन की ओर से सैन्य खतरों की सूरत में उसकी आत्मरक्षा को मजबूत करने में मदद करेंगे।


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