Trump Canada Tariff Demand : अमेरिका ने कनाडा पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है। बता दें, अमेरिका और कनाडा के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार वार्ता शुक्रवार को अचानक बेनतीजा खत्म हो गई। सूत्रों बताते हैं कि, वार्ता टूटने की मुख्य वजह कनाडाई मिड और हैवी श्रेणी के वाहनों पर अमेरिकी शुल्क कटौती को लेकर अंतिम समय में पैदा हुआ गतिरोध रहा।
दोनों देश एक ऐसे समझौते के करीब थे, जिससे ऑटोमोबाइल, स्टील, एल्युमीनियम और लकड़ी पर अमेरिकी क्षेत्रीय टैरिफ घटकर 25% से 15% पर आ जाता। हालांकि, कनाडा बड़े पिकअप ट्रकों और वाणिज्यिक वाहनों पर भी यह राहत चाहता था, जिसे अमेरिका ने मुख्य समझौते से अलग नई मांग बताकर खारिज कर दिया।
जवाबी कार्रवाई करेगा कनाडा
वार्ता विफल होने के बाद अमेरिका ने लगभग 20 अरब डॉलर के कनाडाई सामान पर 50% का नया भारी टैरिफ लगा दिया है। इसके जवाब में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने शनिवार को घोषणा की कि कनाडा भी 8 सितंबर से अमेरिकी वस्तुओं पर समान अनुपात में जवाबी टैरिफ लगाएगा।
कार्नी ने स्पष्ट किया कि ट्रकों को शुल्क राहत से बाहर रखने का कोई ठोस तर्क नहीं था। इस फैसले से ओंटारियो स्थित फोर्ड (Ford) का नया प्लांट सीधे प्रभावित होता, जो एफ-350 (F-350) जैसे बड़े पिकअप ट्रक बनाता है।
कनाडाई ऑटो सेक्टर ने किया कार्नी का समर्थन
दूसरी ओर, ऑटोमोटिव पार्ट्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष फ्लेवियो वोल्पे ने अंदेशा जताया कि इसका मकसद कनाडा में ऑटो निर्माण को नुकसान पहुंचाना हो सकता है। वहीं कनाडा की सबसे बड़ी प्राइवेट-सेक्टर यूनियन ‘यूनिफोर’ की राष्ट्रीय अध्यक्ष लाना पेन ने सरकार के रुख का समर्थन किया है।
इस पूरे घटनाक्रम पर व्हाइट हाउस और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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