ट्रंप की टिप्पणी पर पोप, ‘मेरा काम राजनीति करना नहीं, दुनिया को शांति का संदेश देना’

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वेटिकन सिटी, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। पोप लियो XIV ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से किसी भी तरह के डिबेट से स्पष्ट इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा ऐसा इसलिए क्योंकि “उनका काम राजनीति करना नहीं बल्कि दुनिया को शांति का पाठ पढ़ाना है।” अल्जीरिया जाते हुए फ्लाइट में पोप से ट्रंप की टिप्पणी को लेकर सवाल किया गया था। पोप ने कहा कि वह “अपनी भूमिका को एक राजनीतिज्ञ के तौर पर नहीं देखते। मैं कोई राजनेता नहीं हूं, और मैं इस बहस में नहीं पड़ना चाहता।” इसके अलावा, “मुझे नहीं लगता कि गॉस्पेल (ईशोपदेश) का गलत इस्तेमाल किया…

वेटिकन सिटी, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। पोप लियो XIV ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से किसी भी तरह के डिबेट से स्पष्ट इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा ऐसा इसलिए क्योंकि “उनका काम राजनीति करना नहीं बल्कि दुनिया को शांति का पाठ पढ़ाना है।”

अल्जीरिया जाते हुए फ्लाइट में पोप से ट्रंप की टिप्पणी को लेकर सवाल किया गया था। पोप ने कहा कि वह “अपनी भूमिका को एक राजनीतिज्ञ के तौर पर नहीं देखते। मैं कोई राजनेता नहीं हूं, और मैं इस बहस में नहीं पड़ना चाहता।” इसके अलावा, “मुझे नहीं लगता कि गॉस्पेल (ईशोपदेश) का गलत इस्तेमाल किया जाना चाहिए जैसा कि कुछ लोग कर रहे हैं।”

वेटिकन न्यूज के मुताबिक, उन्होंने जंग को अनावश्यक बताते हुए आगे कहा, “मैं युद्ध के खिलाफ पूरी ताकत से बोलता रहता हूं और समस्याओं का हल खोजने के लिए देशों के बीच शांति, बातचीत और बहुपक्षवाद को बढ़ावा देने की कोशिश करता हूं। आज बहुत से लोग परेशान हैं, बहुत से बेगुनाह लोगों की जान जा रही है, और मेरा मानना ​​है कि किसी को तो खड़े होकर कहना चाहिए कि एक बेहतर तरीका है!”

पोप ने फिर शांति अपील करते हुए कहा, “मैं यह बात दुनिया के सभी नेताओं से कहता हूं, सिर्फ उनसे (ट्रंप) नहीं: आइए हम युद्ध खत्म करें और शांति-सुलह को बढ़ावा दें।”

अमेरिकी पत्रकार के सवाल का जवाब देते हुए, जिसने यही सवाल पूछा था, पोप ने कहा, “मुझे ट्रंप प्रशासन से या गॉस्पेल के संदेश को बोलने से कोई डर नहीं है; मेरा मानना ​​है कि मैं यही करने के लिए यहां हूं, चर्च का यही काम है।”

उन्होंने फिर कहा, “हम राजनेता नहीं हैं। हम विदेश नीति को उसी नजरिए से नहीं देखते जैसा वह समझते होंगे, लेकिन मैं एक शांतिदूत के तौर पर गॉस्पेल के संदेश में विश्वास करता हूं।”

पोप लियो ने हाल ही में ईरान संघर्ष पर चिंता जताई थी। उन्होंने अपने अलग-अलग संबोधन में हिंसा खत्म करने की अपील करते हुए कहा था कि ताकत का घमंड खतरनाक होता है। उन्होंने इससे बचने के लिए प्रार्थना और शांति को जरूरी बताया था।

रविवार देर रात ट्रंप ने लंबे चौड़े ट्रुथ सोशल पोस्ट में पोप की आलोचना करते हुए कहा कि वो कट्टर लेफ्ट के प्रभाव में हैं और विदेश नीति को कमजोर कर रहे हैं। इसके बाद से ही दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से इसे लेकर सवाल पूछे जाने लगे हैं।

–आईएएनएस

केआर/

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