US to Invade Cuba: अमेरिका और क्यूबा के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अमेरिका क्यूबा के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। बताया जा रहा है कि पेंटागन ने एक विशेष ऑपरेशन का प्लान तैयार कर लिया है और इसे मंजूरी के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump News) के पास भेजा गया है। यदि इस योजना को हरी झंडी मिलती है तो दोनों देशों के बीच हालात और गंभीर हो सकते हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप प्रशासन को उम्मीद थी कि आर्थिक प्रतिबंधों और राजनीतिक दबाव के कारण क्यूबा की सरकार कमजोर पड़ जाएगी। अमेरिका ने लंबे समय से क्यूबा पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए हुए हैं। इसके बावजूद वहां की कम्युनिस्ट सरकार पर ज्यादा असर नहीं पड़ा। यही वजह है कि अब अमेरिका सैन्य कार्रवाई के विकल्प पर विचार कर रहा है। पिछले कुछ महीनों से अमेरिका ने कैरिबियन क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी लगातार बढ़ाई है। इससे यह संकेत मिल रहा है कि वाशिंगटन अब कड़ा कदम उठाने की तैयारी में है।
US to Invade Cuba: कैरिबियन क्षेत्र में बढ़ी अमेरिकी सेना की गतिविधियां

मई महीने में अमेरिकी नौसेना का शक्तिशाली एयरक्राफ्ट कैरियर USS Nimitz कैरिबियन क्षेत्र में पहुंचा है। इसके साथ कई गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर और युद्धपोत भी तैनात किए गए हैं। ये जहाज लंबी दूरी तक सटीक मिसाइल हमला करने की क्षमता रखते हैं। इसके अलावा अमेरिकी ड्रोन और निगरानी विमान भी लगातार क्यूबा के आसपास सक्रिय बताए जा रहे हैं। सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह गतिविधियां किसी बड़े ऑपरेशन की तैयारी का हिस्सा हो सकती हैं।
Donald Trump Planning to Attack Cuba: अमेरिका को क्यूबा से क्यों है चिंता?

हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने क्यूबा को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अमेरिका के करीब स्थित कोई भी अस्थिर देश राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। उनके मुताबिक क्यूबा में राजनीतिक और आर्थिक संकट लगातार बढ़ रहा है। इसके साथ ही चीन की बढ़ती मौजूदगी भी अमेरिका की चिंता का बड़ा कारण मानी जा रही है। हाल के वर्षों में चीन और क्यूबा के बीच कई समझौते हुए हैं।
अमेरिका को डर है कि चीन कैरिबियन क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत कर सकता है, जिससे अमेरिकी सुरक्षा और रणनीतिक हित प्रभावित हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वेनेजुएला के बाद अब अमेरिका क्यूबा पर दबाव बढ़ाकर पूरे क्षेत्र में अपना प्रभाव मजबूत करना चाहता है।
क्यूबा की सैन्य ताकत भी कम नहीं
हालांकि अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य ताकतों में से एक है, लेकिन क्यूबा को कमजोर समझना आसान नहीं होगा। क्यूबा की सबसे बड़ी ताकत उसकी “War of All the People” नीति मानी जाती है। इसका मतलब है कि युद्ध की स्थिति में सिर्फ सेना ही नहीं बल्कि आम नागरिक, मिलिशिया और पैरामिलिट्री बल भी लड़ाई में शामिल होंगे।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, क्यूबा के पास करीब 50 हजार सक्रिय सैनिक, 39 हजार रिजर्व सैनिक और लगभग 90 हजार पैरामिलिट्री सदस्य मौजूद हैं। क्यूबा की सेना को छोटे-छोटे यूनिट्स में बांटा गया है ताकि युद्ध के दौरान वे स्वतंत्र रूप से फैसले ले सकें।
गुरिल्ला युद्ध में माहिर माना जाता है क्यूबा
क्यूबा की सेना को गुरिल्ला युद्ध में काफी अनुभवी माना जाता है। देश की सैन्य रणनीति लंबे समय से छोटे समूहों के जरिए लड़ाई लड़ने पर आधारित रही है। यही वजह है कि क्यूबा को किसी भी बाहरी ताकत के लिए आसान लक्ष्य नहीं माना जाता। अगर अमेरिका और क्यूबा के बीच तनाव और बढ़ता है तो इसका असर सिर्फ इन दोनों देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे कैरिबियन क्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है।
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