नई दिल्ली, 3 जून (आईएएनएस)। वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रॉड्रिगेज भारत की चार दिवसीय यात्रा पर बुधवार को पहुंचेंगी। यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत और वेनेजुएला ऊर्जा, व्यापार, निवेश तथा प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
विदेश मंत्रालय ने रोड्रिगेज के दौरे का कार्यक्रम भी जारी किया है, जिसके अनुसार बुधवार को शाम 5 बजे वो पालम हवाई अड्डे पर पहुंचेंगी। 4 जून की सुबह करीब 9.45 पर उनकी विदेश मंत्री एस जयशंकर से लीला पैलेस में मुलाकात होगी। इसी दिन 11.30 बजे के करीब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हैदराबाद हाउस में मिलेंगी। 4 जून की दोपहर राजघाट पर बापू के समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित करने जाएंगी।
वहीं, भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो क्लिप जारी कर इसकी जानकारी दी। उनके अनुसार, रोड्रिगेज 3 से 6 जून तक भारत में रहेंगी और इस दौरान कई महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा लेंगी। रॉड्रिगेज की वर्तमान पद पर रहते हुए यह पहली आधिकारिक भारत यात्रा है।
रॉड्रिगेज इससे पहले बतौर कार्यकारी उप-राष्ट्रपति अक्टूबर 2024 और फरवरी 2025 में भारत आई थीं। उन्होंने अक्टूबर 2019 और अगस्त 2023 में भी भारत का दौरा किया था। 2024 में एनएएम समिट के दौरान वेनेजुएला के विदेश मंत्री इवान गिल ने अपने भारतीय समकक्ष एस जयशंकर से भी मुलाकात की थी। वेनेजुएला ने ग्लोबल साउथ समिट के तीनों संस्करणों में हिस्सा लिया। कूटनीतिक रिश्तों के अलावा दोनों देशों के बीच व्यावसायिक रिश्ते भी काफी मजबूत हैं।
भारत-वेनेजुएला के बीच 2025-26 में 678 मिलियन डॉलर की ट्रेड डील हुई। मई 2026 में भारत को सबसे ज्यादा क्रूड ऑयल की आपूर्ति करने वाले देशों की लिस्ट में तीसरे स्थान पर वेनेजुएला रहा।
वहीं स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी हर संभव मदद भारत ने वेनेजुएला को पहुंचाई। भारत ने नवंबर 2025 में 2.5 टन की लाइफ सेविंग वैक्सीन की खेप उसे भेजी। वेनेजुएला में पहला आयुष सूचना केंद्र मराके शहर में स्थित है। इसका उद्घाटन 2017 में भारतीय दूतावास ने किया था। दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंध भी काफी मजबूत है। 2015 से ही वेनेजुएला हर वर्ष पूरे हर्षोल्लास से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाता है।
भारत और वेनेजुएला के बीच संबंध पिछले कई दशकों से मैत्रीपूर्ण रहे हैं। दोनों देश ऊर्जा क्षेत्र में महत्वपूर्ण साझेदार हैं और हाल के वर्षों में कच्चे तेल के व्यापार में सहयोग बढ़ा है। भारत अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विभिन्न स्रोतों से तेल आयात कर रहा है, जबकि वेनेजुएला विश्व के प्रमुख तेल उत्पादक देशों में शामिल है। हाल के महीनों में भारत द्वारा वेनेजुएला से कच्चे तेल के आयात में वृद्धि देखी गई है, जिससे दोनों देशों के आर्थिक संबंध और मजबूत हुए हैं।
यह यात्रा भारत और वेनेजुएला के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा दे सकती है। ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक सहयोग के अलावा, दोनों देश वैश्विक मंचों पर भी आपसी सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में काम कर सकते हैं।
–आईएएनएस
केआर/
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



