वडोदरा, 29 जून (आईएएनएस)। दो दिवसीय वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस का सोमवार को वडोदरा में आगाज हुआ। जिसमें नीति-निर्माता, अंतरराष्ट्रीय साझेदार और उद्योग जगत के दिग्गजों का जमावड़ा लग रहा है। इस कार्यक्रम का मकसद क्षेत्रीय निवेश और साझेदारों संग संबंधों को मजबूत करना है। देश-विदेश से पहुंचे कुछ भागीदारों ने आईएएनएस से बात की।
भारत में रवांडा की उच्चायुक्त जैकलीन मुकांजीरा ने खुद को आमंत्रित करने के लिए आयोजकों का आभार जताया। उन्होंने कहा, “रवांडा और भारत के बीच उत्कृष्ट द्विपक्षीय संबंध हैं। भारत हमारे देश का दूसरा सबसे बड़ा विदेशी निवेशक है और रवांडा में काम करने वाले कई भारतीय, खासकर गुजरात से हैं।”
मुकांजीरा के अनुसार, “रवांडा में भारतीय व्यवसायियों की अच्छी खासी तादाद है। ऐसा इसलिए है क्योंकि वहां निवेश के अच्छे अवसर हैं। रवांडा भारत से दवाइयां, आईसीटी, मशीनरी और उपकरण, कपड़े, चावल, चीनी आदि का आयात करता है। अब रवांडा और गुजरात के बीच व्यापार की संभावनाएं और बढ़ सकती हैं।”
यूक्रेनी राजदूत ओलेक्जेंडर पोलिशचुक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का प्रतिफल बताया। उन्होंने कहा, “यह एक बेहतरीन पहल है जिसे विश्व नेता, भारत के प्रधानमंत्री ने शुरू किया है। हम वास्तव में बहुत खुश हैं कि हमें 2024 के वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलनों में शामिल होने का अवसर मिला। हम लगातार इन सभी सम्मेलनों में भाग ले रहे हैं। हम गुजरात और केंद्र सरकार को इसके आयोजन के लिए बधाई देते हैं।”
वहीं, यूक्रेन दूतावास के उप प्रमुख और मंत्री-काउंसलर आर्टेम नोस्को ने कहा, “हम उस पहल की सफलता का स्वागत करते हैं जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरू किया था। हमें इस सम्मेलन का हिस्सा बनकर खुशी हो रही है और हमेशा इसके साथ बने रहने की योजना है। ये यूक्रेन और भारत को करीब ला रही है। हमारी सोसाइटी और व्यापार के लिए नए अवसर पैदा कर रही है। हम यहां आकर खुश हैं और इसके निरंतर सफलता की कामना करते हैं।”
भारत के रूबामिन प्राइवेट लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर भुवन पुरोहित ने कहा कि वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस व्यवसायों के लिए एक बड़ा मंच है। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी 2019 से लगातार निवेश कर रही है और अब तक 1000 करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट पूरे किए जा चुके हैं। हाल ही में गुजरात सरकार के साथ 600 करोड़ रुपये का एक और एमओयू हुआ है।
उन्होंने कहा, ” गुजरात सरकार की प्रगतिशील नीतियों के कारण औद्योगिक विकास तेजी से हो रहा है और यह मॉडल न केवल भारत बल्कि दुनिया भर के व्यवसायों को आकर्षित करेगा।”
भुवन पुरोहित ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 विजन पर कहा, “यह देश के लिए स्पष्ट लक्ष्य तय करता है, जिससे उद्योगों को दिशा मिलती है।” उनके अनुसार, यह विजन लोगों और कंपनियों को आने वाले 10 से 25 वर्षों की योजना बनाने में मदद करता है, और यह देश को आगे बढ़ाने की एक प्रभावी रणनीति है।
–आईएएनएस
केआर/
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