बीजिंग, 8 अगस्त (आईएएनएस)। चीन के बंदरगाहों और औद्योगिक घाटों पर आजकल व्यस्तता का नजारा आम है। कहीं नए ऊर्जा वाहन निर्यात के लिए तैयार खड़े हैं, तो कहीं औद्योगिक रोबोट और स्मार्ट उपकरण व्यवस्थित तरीके से कंटेनरों में लदे हुए हैं। वहीं, पवन ऊर्जा से जुड़े उपकरण भी दुनिया के अलग-अलग बाजारों के लिए रवाना हो रहे हैं। इस तरह ‘चीनी बुद्धिमत्ता और निर्माण’ से जुड़े उत्पाद लगातार वैश्विक बाजारों तक पहुंच रहे हैं और दुनिया में नवाचार तथा हरित विकास के नए अवसर पैदा कर रहे हैं। इसे ही ‘चीन अवसर 2.0’ के रूप में देखा जा रहा है।
चीन सरकार की ओर से 7 अगस्त को जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस वर्ष के पहले सात महीनों में चीन के वस्तु व्यापार का कुल आयात और निर्यात मूल्य 301.3 खरब युआन रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 17.3 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान चीन के निर्यात में 14 प्रतिशत और आयात में 22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। खास बात यह है कि जुलाई महीने में उच्च तकनीक वाले उत्पादों के निर्यात में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई, जिसने निर्यात वृद्धि में करीब 60 प्रतिशत का योगदान दिया।
विदेशी मीडिया संस्थानों ने भी इस प्रदर्शन पर ध्यान दिया है। रॉयटर्स सहित कई मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि बढ़ते संरक्षणवाद और वैश्विक व्यापार में सुस्ती के बीच चीन के व्यापार आंकड़ों ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है और इसकी मजबूती दिखाई है। खास तौर पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में चीन की प्रगति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सवाल यह है कि वैश्विक व्यापार में दबाव के बावजूद चीन अपने विदेश व्यापार में इतनी मजबूती कैसे बनाए रख पा रहा है? चीनी रनमिन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर वांग श्याओसोंग के अनुसार, चीन के पास दुनिया की सबसे संपूर्ण औद्योगिक व्यवस्था है, जो मजबूत उत्पादन क्षमता और स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करती है। यही विदेश व्यापार के विकास की एक महत्वपूर्ण नींव है। इसके अलावा, चीन के बड़े बाजार, नवाचार आधारित विकास और लगातार बढ़ते खुलेपन की नीतियां भी व्यापार वृद्धि को गति दे रही हैं।
इस विकास का लाभ बहुराष्ट्रीय कंपनियों को भी मिल रहा है। जर्मनी की औद्योगिक वाल्व और पंप निर्माता कंपनी केएसबी के उत्तरी एशिया क्षेत्र के कार्यकारी अध्यक्ष ह चुन ने बताया कि कंपनी की चीनी टीम द्वारा विकसित डिजिटल और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित पूर्वानुमानित रखरखाव सॉफ्टवेयर को न केवल चीन के बाजार में अच्छी प्रतिक्रिया मिली, बल्कि इसे जर्मनी स्थित मुख्यालय को भी भेजा गया।
उनके अनुसार, यह दिखाता है कि चीन धीरे-धीरे वैश्विक नवाचार केंद्र के रूप में उभर रहा है।
चीन अब केवल ‘दुनिया की फैक्ट्री’ बनने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि वह खुद को ‘दुनिया के बड़े बाजार’ के रूप में भी विकसित कर रहा है। इस वर्ष के पहले सात महीनों में चीन के आयात की वृद्धि दर निर्यात से 8 प्रतिशत अंक अधिक रही। चीन के लिए उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों और सेवाओं का आयात उद्योगों के उन्नयन, उपभोक्ता गुणवत्ता में सुधार और लोगों की बेहतर जीवन आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करता है। वहीं, चीन के व्यापारिक साझेदारों को भी यहां से नए ऑर्डर, रोजगार और विकास के अवसर मिलते हैं।
वर्तमान में चीन ने 63 देशों के लिए शून्य टैरिफ नीति लागू की है। साथ ही, चीन का आयात पैमाना लगातार 17 वर्षों से दुनिया में दूसरे स्थान पर बना हुआ है। अमेरिकी ‘यूरेशिया रिव्यू’ के अनुसार, चीन का बढ़ता आयात भविष्य के वैश्विक व्यापार को मजबूती दे सकता है और व्यापारिक साझेदारों के साथ जीत-जीत सहयोग को बढ़ावा दे सकता है।
इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा संकट और आपूर्ति श्रृंखला में आई कई चुनौतियों के बीच चीन अपनी स्थिर उत्पादन क्षमता के जरिए वैश्विक बाजार में भरोसे का माहौल बनाए हुए है। इसके साथ ही चीन के विदेश व्यापार साझेदारों का दायरा भी लगातार बढ़ रहा है। इस वर्ष के पहले सात महीनों में चीन ने 180 से अधिक देशों और क्षेत्रों के साथ आयात और निर्यात में वृद्धि दर्ज की। इनमें आसियान और अफ्रीकी देशों के साथ व्यापार वृद्धि करीब 20 प्रतिशत रही, जबकि अमेरिका के साथ व्यापार में भी लगातार चार महीनों से वृद्धि देखी गई है। इससे चीन के व्यापार सहयोग का दायरा अधिक विविध और स्थिर हुआ है।
विदेश व्यापार किसी भी अर्थव्यवस्था की स्थिति को समझने का एक महत्वपूर्ण संकेतक होता है। चीन के पहले सात महीनों के विदेश व्यापार आंकड़े बताते हैं कि उसकी आर्थिक ताकत नई दिशा और बेहतर संरचना की ओर बढ़ रही है। साथ ही, दीर्घकालिक आर्थिक सुधार की मूल प्रवृत्ति में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है।
हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और डॉयचे बैंक जैसे संस्थानों ने वर्ष 2026 के लिए चीन की आर्थिक वृद्धि के अपने अनुमान को बढ़ाया है। कई अंतरराष्ट्रीय जनमत सर्वेक्षणों में भी चीन को लेकर सकारात्मक धारणा में वृद्धि देखने को मिली है। इस वर्ष की पहली छमाही में करीब 4,800 विदेशी निवेश वाली कंपनियों ने चीन में अपने निवेश का विस्तार किया, जो चीनी अर्थव्यवस्था में उनके भरोसे को दर्शाता है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
–आईएएनएस
एबीएम/
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