विश्व आर्थिक मंच के कार्यकारी निदेशक मिरेक डुसेक के साथ साक्षात्कार

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बीजिंग, 22 जून (आईएएनएस)। विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के कार्यकारी निदेशक मिरेक डुसेक ने कहा है कि चीन वैश्विक नवाचार का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। नई प्रौद्योगिकियों के व्यापक उपयोग के जरिए चीन ने वास्तविक अर्थव्यवस्था और औद्योगिक परिवर्तन को गति देने की अपनी क्षमता का सफल प्रदर्शन किया है। स्विट्जरलैंड के जिनेवा में सिन्हुआ समाचार एजेंसी को दिए एक हालिया साक्षात्कार में डुसेक ने कहा कि चीन ने ‘बड़े पैमाने पर नवाचार’ के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि दुनिया अब इस अनुभव से सीखने में गहरी रुचि दिखा रही है। विश्व आर्थिक मंच…

बीजिंग, 22 जून (आईएएनएस)। विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के कार्यकारी निदेशक मिरेक डुसेक ने कहा है कि चीन वैश्विक नवाचार का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। नई प्रौद्योगिकियों के व्यापक उपयोग के जरिए चीन ने वास्तविक अर्थव्यवस्था और औद्योगिक परिवर्तन को गति देने की अपनी क्षमता का सफल प्रदर्शन किया है।

स्विट्जरलैंड के जिनेवा में सिन्हुआ समाचार एजेंसी को दिए एक हालिया साक्षात्कार में डुसेक ने कहा कि चीन ने ‘बड़े पैमाने पर नवाचार’ के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि दुनिया अब इस अनुभव से सीखने में गहरी रुचि दिखा रही है।

विश्व आर्थिक मंच की 17वीं न्यू चैंपियंस वार्षिक बैठक, जिसे ग्रीष्मकालीन दावोस मंच भी कहा जाता है, 23 से 25 जून तक चीन के ताल्येन शहर में आयोजित होगी। इस वर्ष की बैठक का विषय ‘बड़े पैमाने पर नवाचार’ रखा गया है। इसमें 90 से अधिक देशों और क्षेत्रों के 1,700 से ज्यादा प्रतिनिधि भाग लेंगे।

वैश्विक अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति पर डुसेक ने ‘विरोधाभासी’ शब्द का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि एक तरफ प्रौद्योगिकी तेज़ी से आगे बढ़ रही है और उद्योगों व समाज को नया रूप दे रही है, जबकि दूसरी तरफ भू-आर्थिक और भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तथा विभाजन बढ़ रहा है। उनके अनुसार, वैश्विक अर्थव्यवस्था के सामने सबसे बड़ी चुनौती अनिश्चितता है, जो कारोबार और निवेश दोनों को प्रभावित कर रही है।

डुसेक का मानना है कि वर्तमान आर्थिक विकास संतुलित नहीं है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जुड़े निवेश और व्यापार विकास को नई गति दे रहे हैं, लेकिन सभी देश और उद्योग इससे समान रूप से लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। इसलिए भविष्य की सबसे बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि एआई से मिलने वाले अवसरों का लाभ अधिक से अधिक लोगों और क्षेत्रों तक पहुंचे।

उन्होंने कहा कि नवाचार की वास्तविक सफलता तभी है, जब उसे उद्योगों और वास्तविक अर्थव्यवस्था में प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। यही इस वर्ष के ग्रीष्मकालीन दावोस मंच के विषय ‘बड़े पैमाने पर नवाचार’ का भी मुख्य संदेश है। डुसेक के अनुसार, चीन ने इस दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं और नई प्रौद्योगिकियों के उपयोग से औद्योगिक परिवर्तन तथा आर्थिक विकास को नई ऊर्जा दी है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

–आईएएनएस

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