अगर आप भी इस साल कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने का प्लान बना रहे हैं, तो ये खबर आपके लिए काफी ज्यादा जरूरी है। कैलाश मानसरोवर ट्रेवल के नाम पर सोशल मीडिया पर रजिस्ट्रेशन और बुकिंग के कई ऐड चल रहे हैं। ऐसे में विदेश मंत्रालय ने श्रद्धालुओं के लिए एक जरूरी जानकारी जारी की है। जिसमें मंत्रालय ने कहा है कि सोशल मीडिया और इंटरनेट पर यात्रा के नाम पर फर्जी ऐड और एलान किए जा रहे हैं, जिनसे लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। ऐसे में यहां हम आपको इसके बारे में पूरी जानकारी देंगे।
Kailash Mansarovar Guidelines: क्या है सामान के लिए नियम?

यात्रा के लिए एक यात्री को 20 किलो तक सामान ले जाने की इजाजत दी गई है। इसके अलावा हर व्यक्ति को 5 किलो तक सामान ले जाने की इजाजत है। इसका इस्तेमाल चीन में खाने-पीने के लिए किया जाएगा। इस गाइडलाइंस के अनुसार, एक इंसान सिर्फ 25 किलो तक सामान लेकर जा सकता है। इससे ज्यादा वजन अगर किसी यात्री के पास होगा, तो उसे एकस्ट्रा चार्ज देना पड़ेगा।
19 तरह की दवाएं ले जाने की अनुमति
क्रोसिन, पैंटोप्राज़ोल, डाइजीन, विटामिन सी 500 एमजी, पुल्व इलेक्ट्रॉल, डायमॉक्स, एंटीबायोटिक, कफ सिरप, लिपसोल, बैंडेज क्लोथ, कॉटन, टिंचर बेंजोइन, एडेसिव प्लास्टर, बैंड ऐड, बीटाडिन लोशन, बोरिक पाउडर आदि ले जाने की इजाजत होगी। वहीं होम्योपैथी का उपयोग करने वाले उससे जुड़ी दवा रख सकते हैं।

Kailash Mansarovar Yatra From 30 June: 4 जुलाई को टनकपुर पहुंचेगा पहला दल
कैलास मानसरोवर यात्रा की शुरूआत 30 जून से शुरू हो रही है, जो 26 अगस्त तक चलेगी। पहला दल 30 जून से 3 जुलाई तक दिल्ली में पासपोर्ट, वीजा, मेडिकल आदि के प्रोसेस पूरा करेगा। जिसके बाद ये दल 4 जुलाई को टनकपुर पहुंचेगा।
MEA Issues Important Rules: MEA ने क्या कहा?
MEA मंत्रालय ने यहां जानें वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी ऐड, लिंक या मैसेज पर भरोसा न करें और सिर्फ आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा है कि कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए सिर्फ kmy.gov.in पोर्टल ही ठीक है। अगर कोई दूसरी वेबसाइट, सोशल मीडिया पोस्ट या एजेंसी खुद को आधिकारिक बताकर रजिस्ट्रेशन कराने का दावा कर रही है, तो आपको उसपर भरोसा नहीं करना चाहिए।

Kailash Mansarovar Yatra Guidelines: क्यों खास है मानसरोवर यात्रा?
हिंदू धर्म में कैलाश मानसरोवर यात्रा को सबसे पवित्र यात्राओं में से एक माना जाता है। कहा जाता है कि कैलाश पर्वत पर भगवान शिव का वास है, इसलिए हर साल हजारों श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होने के लिए रजिस्ट्रेशन करते हैं।


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