अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की विदेश नीति में हाल ही में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. जो ट्रंप कभी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की जमकर तारीफ करते थे, अब वे यूक्रेन का खुलकर समर्थन कर रहे हैं. पहले नाटो को कमजोर बताने वाले ट्रंप अब उसी संगठन के साथ मज़बूती से खड़े हैं.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस से जुड़े करीबी सूत्रों के मुताबिक, इस सोच में बदलाव की अहम वजह ट्रंप की पत्नी और अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप हैं. उन्होंने कई बार ट्रंप को समझाया कि यूक्रेन में आम लोगों की जान जा रही है और रूस के खिलाफ सख्त रुख ज़रूरी है.
कौन हैं मेलानिया?
मेलानिया का जन्म स्लोवेनिया में हुआ था, जो पहले सोवियत प्रभाव में रहा, लेकिन रूस से हमेशा दूरी बनाए रखी. इसी वजह से मेलानिया को रूस की नीतियों की गहरी समझ है. उन्होंने ट्रंप के सलाहकारों के साथ विदेश नीति पर कई बैठकों में भाग लिया और अपनी राय खुलकर रखी.
2022 से दिखने लगे थे बदलाव के संकेत
जब फरवरी 2022 में रूस ने यूक्रेन पर हमला किया, उस समय भले ही ट्रंप ने पुतिन को “सैवी” (चतुर) कहा था, लेकिन मेलानिया ने ट्विटर पर यूक्रेन के साथ एकजुटता दिखाई और रेड क्रॉस के लिए दान देने की अपील की. तभी से ट्रंप की सोच में धीरे-धीरे बदलाव आना शुरू हुआ.
2025 में बदली अमेरिका की यूक्रेन नीति
2025 में ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिका की यूक्रेन को लेकर नीति में बड़ा बदलाव आया. अब अमेरिका न सिर्फ यूक्रेन को हथियार और फंडिंग दे रहा है, बल्कि रूस पर कड़ा दबाव भी बना रहा है. मेलानिया का इस बदलाव में सीधा योगदान माना जा रहा है.
मेलानिया बनीं यूक्रेन की उम्मीद
आज जब ट्रंप रूस के खिलाफ सख्त बयान देते हैं, तो इसके पीछे मेलानिया की सोच और संवेदनशीलता भी एक बड़ी वजह है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेन्स्की के लिए मेलानिया अब व्हाइट हाउस की सबसे बड़ी उम्मीद बन चुकी हैं.
रूस भी हुआ सतर्क, क्रेमलिन की नजर
रूस ने भी अमेरिका की इस नई नीति पर नजर रखनी शुरू कर दी है. रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने हाल ही में कहा कि ट्रंप के बदले रवैये के पीछे कौन लोग हैं, यह समझना जरूरी है. हालांकि उन्होंने मेलानिया का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान में स्लोवेनिया की ओर इशारा जरूर था.


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