चीन ने मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से कहा कि वह कश्मीर के पुलवामा में आत्मघाती हमले को लेकर पाकिस्तान पर निशाना न साधे। इसके साथ ही उसने दोहराया कि संकट के समय में वह पाकिस्तान के साथ खड़ा रहेगा और पूरी मजबूती से इसकी क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का समर्थन करेगा।
चीन के विदेश मंत्री वांग यी और पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने पुलवामा हमले पर चर्चा की, जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे और जिसने भारत-पाकिस्तान के रिश्तों को बेहद तनावपूर्ण बना दिया है। कुरैशी ने वांग से कहा कि इस हमले के बाद कश्मीरियों के मानवाधिकारों का उल्लंघन बढ़ गया है।
कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान पहले भी और अब भी भारत से संबंध बेहतर करना चाहता है और संवाद के लिए तैयार है। दोनों विदेश मंत्री बीजिंग में चीन-पाकिस्तान रणनीतिक संवाद के तहत मिले और यह मुलाकात चीन द्वारा जैश-ए-मुहम्मद सरगना मसूद अजहर को आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव को चौथी बार बाधित करने के एक हफ्ते बाद हुई। जैश ने पुलवामा आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली थी।
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इस हमले के बाद पाकिस्तान पर अपने यहां मौजूद आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई का अंतर्राष्ट्रीय दबाव काफी बढ़ गया है। वांग ने कहा, ”इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि दुनिया में या क्षेत्र चीजें किस तरह बदलती हैं, चीन पूरी मजबूती से पाकिस्तान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता, आजादी व सम्मान के साथ खड़ा रहेगा।”
वांग ने कहा कि एक शांतिपूर्ण और स्थायित्वपूर्ण दक्षिण एशिया, इलाके के सभी देशों के हित में है। उन्होंने कहा, ”चीन तनाव को कम करने के लिए उठाए गए कदमों पर पाकिस्तान की सराहना करता है। हम पाकिस्तान और भारत से संयम बरतने और मुद्दों का समाधान शांतिपूर्ण ढंग से करने का आह्वान करते हैं।”


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