यमन ने भारतीय जहाज ‘फैज नूरे ओलिया’ पर हुए हमले की निंदा की, बोला- ये अंतरराष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन

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अदन, 5 अगस्त (आईएएनएस)। यमन ने लाल सागर में भारतीय कार्गो जहाज एमएसवी फैज नूरे ओलिया पर हुए हूती हमले की कड़ी निंदा की है। यमन के विदेश और प्रवासी मामलों के मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि विस्फोटक से भरी नाव से किए गए इस हमले में जहाज पूरी तरह डूब गया। इसमें 13 भारतीयों समेत कुल 14 नाविक सवार थे और सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया। मंत्रालय ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय और समुद्री नियमों का खुला उल्लंघन करार दिया। सोशल मीडिया पोस्ट में यमन ने कहा, “इससे अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर नौवहन की सुरक्षा और व्यापार…

अदन, 5 अगस्त (आईएएनएस)। यमन ने लाल सागर में भारतीय कार्गो जहाज एमएसवी फैज नूरे ओलिया पर हुए हूती हमले की कड़ी निंदा की है। यमन के विदेश और प्रवासी मामलों के मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि विस्फोटक से भरी नाव से किए गए इस हमले में जहाज पूरी तरह डूब गया। इसमें 13 भारतीयों समेत कुल 14 नाविक सवार थे और सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया। मंत्रालय ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय और समुद्री नियमों का खुला उल्लंघन करार दिया।

सोशल मीडिया पोस्ट में यमन ने कहा, “इससे अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर नौवहन की सुरक्षा और व्यापार की स्वतंत्रता को सीधा खतरा पैदा हुआ है। यमन इस मुश्किल समय में भारत के साथ एकजुटता से खड़ा है और भारतीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। यमनी तटरक्षक बल और यमनी नौसेना द्वारा चलाए गए त्वरित बचाव अभियान में जहाज के सभी 14 चालक दल के सदस्यों को बचा लिया गया। इनमें 13 भारतीय नागरिक थे। सभी को सुरक्षित मोचा बंदरगाह पहुंचाया गया।”

विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह हमला हूती विद्रोहियों के अपराधों की निरंतर श्रृंखला का हिस्सा है, जिसमें ये शहरों, हवाई अड्डों और ऑयल केंद्रों पर बमबारी करते हैं, निर्यात बाधित करते हैं और यमनी जनता को आय के स्रोतों से वंचित करने का काम करते हैं। हूती हमलों से लाल सागर, बाब-अल-मंदब स्ट्रेट और अदन की खाड़ी में बंदरगाहों और समुद्री नौवहन के लिए खतरा बढ़ गया है। इससे क्षेत्रीय आर्थिक हितों के साथ-साथ क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

इसके साथ ही यमन ने सऊदी अरब के समुद्री गठबंधन की प्रशंसा करते हुए कहा, “सऊदी अरब के नेतृत्व में गठित बहुराष्ट्रीय रक्षात्मक समुद्री गठबंधन एक रणनीतिक पहल है जिसका महत्व समुद्री खतरों के बढ़ने के साथ और बढ़ गया है। यह गठबंधन अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति लाइनों को सुरक्षित करने और लाल सागर, बाब-अल-मंदब जलडमरूमध्य और अदन की खाड़ी में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रावधानों के अनुरूप है।”

बता दें कि मंगलवार को भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस हमले की निंदा की थी। बयान जारी कर बताया था कि भारतीय झंडे वाले मालवाहक जहाज पर हूती विद्रोहियों ने हमला किया। मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में लगातार वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे हमले बेहद चिंताजनक हैं। अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर बिना किसी रुकावट के आवाजाही सुनिश्चित होनी चाहिए। इसके साथ ही मंत्रालय ने समय पर जरूरी मदद पहुंचाने के लिए यमन का धन्यवाद किया था।

मालवाहक जहाज मंगलवार को यमन के पश्चिमी तट के पास लाल सागर हूती विद्रोहियों के हमले के बाद डूब गया था। हूती विद्रोहियों ने विस्फोटकों से भरी एक नाव से हमले को अंजाम दिया था।

सरकार समर्थित नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज (एनआरएफ) ने एक बयान में कहा कि तटरक्षक बल और नौसेना की इकाइयों ने संयुक्त अभियान चलाकर ‘फैजे नूरे ओलिया’ नामक जहाज के चालक दल को बचाया। यह जहाज हूती विद्रोहियों के कब्जे वाले बंदरगाह शहर होदेइदाह से लगभग 13 समुद्री मील दक्षिण में हमले का शिकार हुआ था।

–आईएएनएस

केआर/

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