फ्रांस के नीस शहर में हुए आतंकी हमले के बाद देश के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस्लाम पर जो विवादित टिप्पणी की उसका दुनियाभर के इस्लामिक देश में पुरजोर विरोध हो रहा है। मैक्रों के खिलाफ इस विरोध की आड़ में विवादित इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाइक ने एक बार फिर जहर उगला है। फेसबुक पर फ्रांस के प्रोडक्ट्स को बायकॉट करने की अपील करते हुए जाकिर ने भड़काऊ पोस्ट डाला है।
जाकिर नाइक ने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘अल्लाह के दूत को गाली देने वालों को एक दर्दनाक सजा मिलेगी।’ जाकिर ने इससे पहले भारतीयों के खिलाफ जहर उगला था और कहा था कि पैगंबर मोहम्मद की आलोचना करने वाले भारत के गैर मुस्लिमों को मुस्लिम देशों की जेल में डाल देना चाहिए।
उसने कहा कि पैगंबर की आलोचना करने वाले ज्यादातर लोग बीजेपी के भक्त हैं। जाकिर नाइक ने कहा था कि अगली बार जब ये गैर मुस्लिम लोग खाड़ी देशों में मसलन कुवैत, सऊदी अरब या इंडोनेशिया में आएं तो उनकी जांच की जानी चाहिए और यह पता लगाना चाहिए कि इन्होंने कभी और कहीं पैगंबर या इस्लमा के बारे में अपमानजनक टिप्पणी तो नहीं की है। अगर उन्होंने ऐसा किया है तो उन्हें जेल में डाल देने चाहिए।
नीस आतंकी हमले पर मलेशिया के पूर्व PM की विवादित टिप्पणी, ‘मुस्लिमों को फ्रांस के लोगों की हत्या करने का हक’
जाकिर से पहले मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने ऐसा बयान दिया है, जिसकी दुनिया में कड़ी निंदा हो रही है। महातिर मोहम्मद ने गुरुवार को ट्वीट करते हुए फ्रांस की निंदा की और मुस्लिमों के प्रति द्वेष भाव रखने का आरोप लगाया। उन्होंने अपने ट्विटर अकॉउंट पर ‘दूसरों का सम्मान कीजिए’ नाम से एक ब्लॉग पोस्ट किया। उन्होंने सिलसिलेवार किए ट्वीट में कहा, ‘मुस्लिमों को गुस्सा करने का और लाखों फ्रांसीसी लोगों को मारने का पूरा हक है।’


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