पटना : कानु- हलवाई राजनैतिक चेतना रैली में मछुआ आयोग के तर्ज पर कानु-हलवाई आयोग का गठन कर इस समाज को अनु. जाति का दर्जा देने का मांग किया गया। रैली को संबोधित कर राजद विधान पार्षद राधाचरण साह ने कहा कि बिहार में कानु-हलवाई की 7 प्रतिशत आबादी होने के बावजूद भी राजनीति में उचित हिस्सेदारी से वंचित है। यह समाज सामाजिक, आर्थिक एवं राजनैतिक हाशिये पर है। आर्थिक रूप से कमजोर यह समाज आजादी के इतने वर्षों बाद भी अपनी पुश्तैनी धंधा से जुड़ा है। अब इस धंधे पर बड़े-बड़े लोगों ने कब्जा होने से इन्हें जीविकोपार्जन के लिए सोंचना पड़ रहाहै।
उन्होंने कहा कि सभी दलों ने इस समाज को केवल छलने का काम किया। इतनी बड़ी आबादी होने के बावजूद भी लोकसभा एवं राज्यसभा में एक भी प्रतिनिधि नहीं है जबकि इससे कम जनसंख्या वाले सत्ता का सुख भोग रहे हैं। यह समाज किसी पार्टी का गुलाम नहीं है आने वाला चुनाव में जो राष्ट्रीय पार्टी आबादी के अनुसार हिस्सेदारी देगी उसका समर्थन दिया जायेगा। कानु हलवाई समाज के 90 प्रतिशत से ज्यादा लोगों की आर्थिक हालत दलित महादलित से भी बदत्तर है। राज्य सरकार के अनुशंसा के बावजूद एससी के दर्जे की मांग अब तक ठंडे बस्ते में है।
रैली को राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य श्रीमती चन्द्रमुखी देवी, पर्यटन मंत्री प्रमोद कुमार, विधायक केदार प्रसाद गुप्ता, पूर्व विधायक सतीश कुमार साह, पूर्व विधान पार्षद राजेन्द्र गुप्ता, रैली संरक्षक नंद कुमार प्रसाद साह, रीचा योगमय, समाजसेवी कन्हैया प्रसाद, डा. अनिल अनल, कुंदन गुप्ता, भागलपुर जिला परिषद अध्यक्ष टुनटुन साह, महापौर सीमा साह ने संबोधित किया।


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