बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर विपक्षी एकता को दिखाने की कोशिश की है। इसलिए उन्होंने विपक्षी एकजुटता के लिए कांग्रेस पर देरी करने का आरोप लगा दिया है आपको बता दे जबसे नितीश कुमार ने बीजेपी का साथ छोड़कर तेजस्वी यादव के साथ सरकार बनाई है तबसे ही वो विपक्ष को एकजुट करने की कोशिश में लगे है। नीतीश कुमार हर हाल में पीएम मोदी को हराना चाहते है इसलिए वो हर स्तर पर अभी से काम कर रहै है।
बीजेपी का सफाया होगा- नीतीश

इसलिए विपक्षी एकजुटता के लिए नीतीश ने कहा कि विपक्षी एकता में कांग्रेस देरी न करे। सभी एकजुट होकर लड़ेंगे तभी बीजेपी का सफाया होगा। कांग्रेस को अब आगे का फैसला करना चाहिए। हम तो इंतजार कर रहे हैं। ये समझना होगा कि हमें सभी धर्म, जाति के लोगों को साथ लेकर चलना होगा। अगर विपक्षी एकजुटता के साथ चुनाव लड़े तो बीजेपी की 100 से कम सीटें आएंगी। हमने दिल्ली जाकर सोनिया और राहुल से मुलाकात की थी। उन्होंने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि
भारत जोड़ो यात्रा के बाद अब कांग्रेस को आगे आना चाहिए और विपक्षी एकजुटता में देरी नहीं करनी चाहिए।
पटना में आयोजित CPI-ML कनवेंशन
पटना में आयोजित CPI-ML के राष्ट्रीय कनवेंशन में सीएम नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री पद को लेकर कहा कि नेतृत्व को लेकर मेरी कोई व्यक्तिगत इच्छा नहीं है.हम तो केवल बदलाव चाहते हैं।जो सब तय करें वही होगा। नीतीश ने कहा कि अब कांग्रेस को आगे का फैसला करना चाहिए और विपक्षी एकजुटता में देरी नहीं करनी चाहिए।
2024 में सभी विपक्षी दल एकजुट होकर लड़ेंगे 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब एनडीए से अलग हुए तो सभी विपक्षी दल के नेताओं ने स्वागत किया था। 2024 में सभी विपक्षी दल एकजुट होकर लड़ेंगे तभी बीजेपी का सफाया होगा। आज आजादी की लड़ाई का इतिहास बदलने का प्रयास हो रहा है।सभी धर्म और जाति के लोगों को लेकर साथ चलना होगा। नीतीश और तेजस्वी के बयानों के बाद कांग्रेस ने भी कहा कि जो आप चाहते हैं वही कांग्रेस भी चाहती है।
कार्यक्रम में मौजूद रहे कई दल के नेता
बता दें कि सीपीआई-एमएल का नेशनल कनवेंशन पटना के एसकेएम हॉल में आयोजित किया जा रहा है। सीपीआई-एमएल के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने इसमें विपक्षी एकजुटता के लिए अन्य दलों के नेताओं को भी न्योता दिया है।


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