बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को ‘शिक्षक दिवस’ के मौके पर कहा कि शिक्षकों को अपने कर्तव्य का पालन करना चाहिए और उनका कर्तव्य बच्चों को बेहतर शिक्षा देना है। पटना में शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों के 20 शिक्षकों को सम्मानित भी किया।
उन्होंने ‘शिक्षक दिवस’ को शिक्षकों के सम्मान का दिन बताते हुए कहा कि शिक्षकों को पूरा देश सम्मान की दृष्टि से देखता है, यह बात शिक्षकों को भी याद रखनी चाहिए। बिहार के आंदोलन कर रहे नियोजित शिक्षकों को नसीहत देते हुए मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि वे मांग करते रहें, लोकतंत्र में मांग करने का सभी को अधिकार है। मगर उन्हें अपने कर्तव्य का भी पालन करना चाहिए और उनका कर्तव्य बच्चों को शिक्षा देना है।
वेंकैया नायडू ने कहा – देश को ऐसे शिक्षकों की जरूरत जो बच्चों में संवेदना, समर्पण के मूल्य जागृत कर सकें
मुख्यमंत्री ने कहा, “शिक्षक अगर अपने दायित्वों पर ध्यान देंगे, पढ़ाते रहेंगे तभी उनकी मांगों पर भी ध्यान दिया जाएगा। नियोजित शिक्षकों के लिए हमारी सरकार ने बहुत कुछ किया है और आगे भी यही सरकार करेगी।” उन्होंने इशारों ही इशारों में विपक्षी नेताओं पर शिक्षकों के आंदोलन का समर्थन करने पर कटाक्ष करते हुए शिक्षकों को याद दिलाया कि ‘आज जो आपके समर्थन में खड़े हैं, वही आपको कभी अयोग्य बताते थे।’
नीतीश कुमार ने कहा, “शिक्षकों के लिए उन्होंने कितना किया, यह याद कर लीजिए। आप मेरे खिलाफ नारा लगाते रहिए मुझ पर कोई फर्क नही पड़ता। हमने शिक्षकों के हित में काम किया है। पहले डेढ़ हजार मिलता था, आज सातवां वेतन दे रहे हैं, फिर भी मेरे खिलाफ नारेबाजी करते हैं।”


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