Bihar elections phase 2: बिहार विधानसभा चुनाव के लिए 6 नवंबर 2025 गुरुवार को पहले फेज का मतदान 121 सीटों पर हुआ। अब दूसरे फेज में 122 सीटों पर 11 नवंबर 2025 को मतदान होना है। 18 जिलों में 1302 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला वहां की जनता के हाथ में है। दूसरे फेज के लिए राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत चुनावी मैदान में झोंक दी है।
ऐसे में चुनाव प्रचार भी चरम पर है। पीएम मोदी से लेकर खेसारी लाल यादव की रैलियां लगातार हो रही है। सत्ता धारी और विपक्षी महागठबंधन लगातार एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप कर रहे हैं। अब देखना होगा कि 14 नवंबर को जनता किसे अपना सरकार चुनती है। ऐसे में चलिए जान लेते हैं दूसरे फेज में किन-किन सीटों पर मतदान होना है और कौन से उम्मीदवार कांटे की टक्कर में हैं?
Nitish Kumar Tejashwi Yadav elections: नीतीश-तेजस्वी-ओवैसी की किस्मत का असली परीक्षा

बता दें कि दूसरे फेज में उत्तर प्रदेश से सटे बिहार के कुछ जिलों में चुनाव होना है। जिले में सीमांचल से लेकर चंपारण और मिथिलांचल की कई सीटें शामिल है। पहले फेज में सीएम नीतीश कुमार से लेकर HAM प्रमुख जीतन राम मांझी की अग्नि परीक्षा थी, वहीं दूसरा चरण बीजेपी के लिए असली इम्तिहान बताया जा रहा है। वहीं महागठबंधन में राजद और कांग्रेस को अपनी पूरी शक्ति का प्रमाण साबित करना है, जबकि ओवैसी की AIMIM के लिए सीमांचल में अपनी इज्जत बचानी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। 2020 में ओवैसी ने दूसरे फेज के कई सीटों पर कब्जा कर सभी को चौंका दिया था।
Bihar assembly elections 2025: अंतिम चरण में इन सीटों पर पड़ेंगे वोट

बता दें कि बिहार में दो फेज में विधानसभा चुनाव 2025 हो रहे हैं। पहले फेज की वोटिंग हो चुकी है। दूसरे फेज में 18 जिलों की 122 सीटों पर वोटिंग होगी।
| जिला | विधानसभा सीटों की संख्या |
|---|---|
| गया | 10 |
| कैमूर | 4 |
| रोहतास | 7 |
| औरंगाबाद | 6 |
| अरवल | 2 |
| जहानाबाद | 3 |
| नवादा | 5 |
| भागलपुर | 7 |
| बांका | 5 |
| जमुई | 4 |
| सीतामढ़ी | 8 |
| शिवहर | 1 |
| मधुबनी | 10 |
| सुपौल | 5 |
| पूर्णिया | 7 |
| अररिया | 6 |
| कटिहार | 7 |
| किशनगंज | 4 |
| पूर्वी चंपारण | 12 |
| पश्चिमी चंपारण | 9 |
यहां देखें दूसरे फेज में मुख्य विधानसभा सीटों की लिस्ट

| जिला | विधानसभा सीटें |
|---|---|
| गया | बेलागंज, गया टाउन, बोधगया, टिकारी, शेरघाटी, बाराचट्टी (SC), अतरी, इमामगंज (SC), गुरुवा, वजीरगंज |
| कैमूर | चैनपुर, मोहनिया, भभुआ, रामगढ़ |
| रोहतास | नोखा, डेहरी, काराकाट, करगहर, सासाराम, चेनारी, दिनारा |
| औरंगाबाद | गोह, ओबरा, नवीनगर, कुटुम्बा, औरंगाबाद, रफीगंज |
| अरवल | अरवल, कुर्था |
| जहानाबाद | जहानाबाद सदर, मखदुमपुर (SC), घोसी |
| नवादा | हिसुआ, नवादा, गोविंदपुर, वारसलीगंज, रजौली (SC) |
| भागलपुर | बिहपुर, गोपालपुर, पीरपैंती (SC), कहलगांव, भागलपुर, सुल्तानगंज, नाथनगर |
| बांका | बांका, अमरपुर, कटोरिया (ST), धोरैया (SC), बेलहर |
| जमुई | सिकंदरा (SC), जमुई, झाझा, चकाई |
दूसरे फेज में किसका क्या दांव पर लगा हुआ है?
बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे फेज में जिन 122 सीटों पर चुनाव होना है, उसमें NDA के सामने अपनी सीटों पर कब्जा कायम रखना एक चुनौतीपूर्ण है। महागठबंधन को अपनी वापसी के लिए पूरी ताकत लगानी है। अगर पिछले चुनाव 2020 की बात करें तो उस दौरान चुनावी परिणाम में 66 सीटें महागठबंधन के पास थी जिसमें 50 सीट पर जीत मिली थी।वहीं अससुद्दीन ओवैसी की पार्टी 5 सीटें अपने कब्जे में की थी तो 1 सीट मायावती की पार्टी बसपा ने अपने खेमे में लाने में सफल रही।
2020 के दूसरे फेज में किसे मिली कितनी सीटें?
अगर बात 2020 चुनाव के दूसरे फेज की करें तो दूसरे चरण में सबसे अधिक सीटें बीजेपी ने जीती थी, बीजेपी के पास 42 सीटें है जबकि सिर्फ 20 सीटें ही जीत सकी। जेडीयू को जहां सिर्फ़ 20 सीटें मिलीं, वहीं एनडीए के सहयोगी जीतन राम मांझी की पार्टी ने इस क्षेत्र की सभी चार सीटें जीत लीं। वहीं, महागठबंधन में शामिल राजद ने 33 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस सिर्फ़ 11 सीटें जीत पाई। भाकपा (माले) को 5 और बसपा को एक सीट मिली। इसके अलावा, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी को 5 सीटें मिलीं और एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत हासिल की।
इन सीटों पर कांटे की टक्कर

दूसरे चरण में कई सीटों पर कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। चैनपुर, सासाराम और गयाजी टाउन विधानसभा क्षेत्र, जहां प्रत्येक में 22 उम्मीदवार हैं, सबसे कड़े मुकाबलों में से हैं। वहीं, चनपटिया, रक्सौल, सुगौली और बनमनखी जैसी सीटों पर केवल 5-5 उम्मीदवार हैं।
Bihar elections phase 2: इन सीटों पर जनसुराज का क्या हाल है?

चौंकाने वाली बात यह है कि बिहार को बदलने का दावा करने वाले जनसुराज के सुप्रीमो प्रशांत किशोर ने दूसरे चरण के लिए 58 ऐसे उम्मीदवार चुने हैं जिन पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। 51 उम्मीदवारों पर गंभीर आरोप हैं। अब देखना यह है कि इन क्षेत्रों की जनता जनसुराज पर भरोसा करेगी या अन्य पार्टियों के पक्ष में मतदान करेगी।
यह भी पढ़ें:‘बिहार का बच्चा रंगदार बनना चाहिए या डॉक्टर’, सीतामढ़ी में पीएम मोदी ने लालू सरकार पर साधा निशाना
























