बेगूसराय : बिहार में अलग-अलग जिलों की विभिन्न अदालतों ने हत्या के अलग-अलग मामलों में एक ही दिन में नौ आरोपियों को उम्रकैद की सजा दी। पश्चिम चंपारण जिले के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पंचम) पवन कुमार पाण्डेय ने 16 वर्ष पुराने हत्या के एक मामले में योगापट्टी थाना अंतर्गत सेमरी भवानीपुर गांव निवासी सलीम मियां, मीर हसन मियां, सुखल अंसारी, अलाउद्दीन अंसारी, ईशु अंसारी तथा भूखंडी बीन को उम्रकैद और पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनायी।
अपर लोक अभियोजक सैयद अनवार हुसैन ने बताया कि 26 अगस्त 2003 को एक स्थानीय नदी में अपनी-अपनी भैंस को धोने के क्रम में हुए विवाद में दुखन अंसारी ने अपने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर मुस्तकीम अंसारी और हदीस अंसारी समेत आधा दर्जन लोगों की लाठी डंडे से पिटाई की थी जिसमें मुस्तकीम की मौत हो गयी। इस मामले में मृतक के भाई जख्मी हदीस ने अभिुक्तों के विरुद्ध स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी।
बेगूसराय जिले के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार ने बलिया थाना अंतर्गत मकसूदनपुर गांव निवासी पमपम चौधरी की 28 नवंबर 2002 को गोली मारकर हत्या करने के मामले में उसी गांव के पवन चौधरी, विनोद चौधरी एवं चिंटू चौधरी को सोमवार को उम्रकैद की सजा सुनायी । अदालत ने इस मामले में पवन चौधरी को बीस हजार रुपए, विनोद चौधरी एवं सिंटू चौधरी को 15-15 हजार रुपए अर्थदंड अदा करने का भी आदेश दिया । इन आरोपियों पर मकसूदनपुर गांव निवासी राम नरेश चौधरी के खेत पर हथियार के साथ पहुंचकर उनके भतीजा पमपम चौधरी की गोली मारकर हत्या करने का आरोप था।


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