Bihar: मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी रेलखंड पर14006 डाउन लिच्छवी एक्सप्रेस के साथ एक हादसा हॉँ गया। एक ट्रैक्टर से ट्रेन रविवार की रात टकरा गई। ट्रैक्टर को ट्रेन की चपेट में आता देख चालक गाड़ी से कूद गया। इससे वह बाल-बाल बच गया मगर घटना से यात्रियों में दहशत फैल गई। टकराने के बाद ट्रैक्टर का इंजन तो आगे निकल गया मगर ट्राली ट्रेन के इंजन में फंस गई।
Highlights
- बिहार में हुआ बड़ा हादसा
- ट्रेन और ट्रैक्टर के बीच हुई टक्कर
- इंजन में फंसी ट्राली
ट्रैन और ट्रैक्टर के बीच टक्कर
बिहार के लिच्छवी एक्सप्रेस से बड़ा कहादसा सामने आया है। मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी रेलखंड पर ताराजीवर-परमजीवर और रुन्नीसैदपुर स्टेशन के बीच 14006 डाउन लिच्छवी एक्सप्रेस एक ट्रैक्टर से रविवार की रात टकरा गई। ट्रैक्टर को ट्रेन की चपेट में आता देख चालक गाड़ी से कूद गया।
रात को हुआ हादसा
इससे वह बाल-बाल बच गया, मगर घटना से यात्रियों में दहशत फैल गई। रात का समय होने के कारण यात्री डर गए। ट्रेन के रुकते ही यात्री उतर गए। ट्रैक्टर के इंजन से टकराने की जानकारी मिलने पर उन्हें राहत मिली। ट्रैक्टर का इंजन तो आगे निकल गया, मगर ट्राली ट्रेन के इंजन में फंस गई।
इंजीनियरिंग विभाग मौके पर मौजूद
संयोग अच्छा रहा कि ट्रेन पटरी से नहीं उतरी, अन्यथा बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। इस घटना के कारण लिच्छवी एक्सप्रेस रात पौने आठ से लेकर सवा नौ बजे तक वहां रुकी रही। इंजीनियरिंग विभाग के कर्मियों ने पहुंच कर ट्राली से इंजन को निकाला। क्षतिग्रस्त इंजन को सही किया गया। उसके बाद ट्रेन को सीतामढ़ी के लिए रवाना कर दिया गया। सूचना मिलने पर आरपीएफ के जुब्बा सहनी इंचार्ज पवन कुमार ठाकुर पहुंचे और इस मामले में केस दर्ज किया। बताया जाता है कि ताराजीवर-परमजीवर और रुन्नीसैदपुर स्टेशन के बीच 18 नंबर फाटक पर बूमर नहीं लगता। यहां किसी कर्मचारी की तैनाती भी नहीं रहती। यहां वाहनों का आना-जाना रहता है। समस्तीपुर डीआरएम विनय कुमार श्रीवास्तव से आदेश पर घटना की जांच शुरू हो गई है।


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