Bihar NEET Students Forensic Report: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद की छात्रा की मौत को लेकर फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की रिपोर्ट ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। जांच में छात्रा के कपड़ों पर मानव शुक्राणु (semen) के अंश मिले हैं। इससे अब यौन शोषण की संभावना और गहरी हो गई है।
पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) इन सबूतों की डीएनए जांच करवा रही है ताकि गिरफ्तार आरोपियों और अन्य संदिग्धों से मिलान किया जा सके। पुलिस के मुताबिक, ये कपड़े छात्रा के परिजनों ने 10 जनवरी को सौंपे थे, जिन्हें बाद में एफएसएल भेजा गया था। हालांकि इतने बड़े खुलासे के बावजूद जांच में हो रही देरी पर सवाल उठ रहे हैं।

Bihar NEET Students Forensic Report: पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पहले ही दिए थे संकेत
इससे पहले पीएमसीएच के मेडिकल बोर्ड की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया था कि यौन हिंसा की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। रिपोर्ट में छात्रा के शरीर और निजी अंगों पर कई चोटों का जिक्र था। मामले की गंभीरता को देखते हुए यह रिपोर्ट आगे समीक्षा के लिए पटना एम्स भेजी गई थी। लेकिन करीब नौ दिन बीत जाने के बाद भी एम्स की अंतिम राय SIT को नहीं मिली है। डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें पूरी मेडिकल फाइल नहीं दी गई, जिस वजह से जांच पूरी नहीं हो पा रही है।

Neet Aspirant Death Sit: अस्पताल और शुरुआती जांच पर भी संदेह
SIT ने राजेंद्र नगर के एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों से दोबारा पूछताछ की है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि छात्रा के सिर में चोट पहले से थी या गिरने के कारण आई। साथ ही 6 जनवरी के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि अस्पताल परिसर में किसी संदिग्ध घटना का पता लगाया जा सके। इस बीच यह बात भी सामने आई है कि घटना के बाद कई दिनों तक हॉस्टल को सील नहीं किया गया और पोस्टमार्टम में भी देरी हुई, जिससे शुरुआती जांच पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

Bihar Neet Aspirant Death: पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
इस मामले में पटना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लग रहे हैं। परिजनों का कहना है कि शुरुआत में पुलिस ने इसे आत्महत्या या हादसा बताने की कोशिश की और यौन शोषण के एंगल को नजरअंदाज किया गया। एक बयान में पुलिस ने यह भी दावा किया था कि छात्रा बीमार थी और नींद की गोलियां लेने से उसकी हालत बिगड़ी थी। लेकिन पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट ने इन दावों को कमजोर साबित कर दिया है।

Patna Girls Hostel Case: लोगों में गुस्सा और न्याय की मांग
इस घटना के बाद आम लोगों में भारी नाराजगी है। छात्र, सामाजिक संगठन और स्थानीय लोग निष्पक्ष जांच और दोषियों को सख्त सजा देने की मांग कर रहे हैं। हालांकि प्रशासन ने SIT बना दी है, लेकिन जांच में पारदर्शिता और तेजी की कमी को लेकर लोगों का भरोसा कम हो रहा है। अब SIT तीन अहम बिंदुओं पर काम कर रही है, एफएसएल के सबूत, एम्स की मेडिकल रिपोर्ट और अस्पताल की भूमिका। जैसे ही अंतिम रिपोर्ट सामने आएगी, डीएनए जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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