बिहार में पुलिस अब राज्य में नक्सलियों और शराब तस्करों पर निगरानी रखने के लिए ड्रोन का उपयोग करेगी। पुलिस राज्य में घने जंगलों, पहाड़ों और सुदूरवर्ती इलाकों में नक्सली गतिविधियों और शराब के कारोबार पर नजर रखने के लिए ड्रोन खरीदने जा रही है। एक अधिकारी ने बताया कि योजना कई ड्रोन खरीदने की लेकिन फिलहाल इस वर्ष के मार्च महीने तक दो आधुनिक ड्रोन पुलिस के पास पहुंचने की संभावना है। उन्होंने कहा कि, इसके खरीदने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई हैं। फिलहाल इसे विशेष कार्य बल (एसटीएफ) को सुपुर्द किया जाएगा। एसटीएफ विशेष अभियान को अंजाम देती है। उसके द्वारा नक्सलियों के साथ ही बड़े आपराधिक गिरोह के खिलाफ अभियान चलाया जाता है।
नक्सलियों के ठिकानों का पता लगाने में होगा मददगार : पुलिस अधिकारी
पुलिस अधिकारी ने बताया कि, बिहार-झारखंड के सीमावर्ती क्षेत्र, पहाड़ी इलाके जहां नक्सली ज्यादा सक्रिय हैं वहां इस ड्रोन की मदद से जवान आसपास की गतिविधियों पर नजर रख सकेंगे। अभियान के दौरान जहां नक्सलियों के ठिकानों का पता लगाने में यह ड्रोन मददगार होगा वहीं मुठभेड़ की सूरत में भी इसके जरिए उन पर निगाह रखी जा सकेगी। उन्होंने बताया कि, दियारा इलाकों में भी एसटीएफ को इसके इस्तेमाल से आपराधिक गिरोह पर नजर रखने में आसानी होगी। इसके अलावा इसका उपयोग सीमावर्ती इलाकों में शराब की तस्करी को पकड़ने के लिए भी किया जाएगा। शराब तस्करी को लेकर चौकसी बरतने में भी ये ड्रोन काफी मददगार साबित होंगे।
कई आधुनिक उपकरण खरीदने की बनाई जा रही है योजना : सूत्र
सूत्रों का कहना है कि पुलिस को अत्याधुनिक बनाने के लिए बुलेटप्रूफ गाड़ी, जैकेट व सैटेलाइट फोन समेत अन्य संचार उपकरणों के अलावा कई आधुनिक उपकरण खरीदने की भी योजना बनाई गई है। पुलिस के लिए सुदूरवर्ती इलाकों में पेट्रोलिंग करना कठिन कार्य होता है तथा दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है, ऐसे में अब ड्रोन की मदद से एक स्थान पर ही बैठ कर पूरे इलाके की सघन मॉनीटरिंग की जाएगी। बताया जा रहा है कि, ड्रोनों के कैमरे बेहद उच्च क्षमता वाले होंगे, इससे दूर से भी एक स्पष्ट रूप से चीजों को देखा जा सकेगा।


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