Bihar Rajya Sabha Election Result: बिहार में हुए राज्यसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी सभी 5 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है। सोमवार शाम मतगणना पूरी होने के बाद चुनाव अधिकारियों ने एनडीए के सभी प्रत्याशियों को विजयी घोषित कर दिया। इस जीत के साथ राज्य की राजनीति में कई नए समीकरण बनने की संभावना भी जताई जा रही है।
Bihar Rajya Sabha Election Result: NDA के सभी उम्मीदवार हुए विजयी
मतगणना के बाद एनडीए के जिन उम्मीदवारों को जीत मिली है, उनमें नीतीश कुमार, नितिन नवीन, उपेंद्र कुशवाहा, रामनाथ ठाकुर और शिवेश राम शामिल हैं। इन सभी प्रत्याशियों ने राज्यसभा की पांचों सीटों पर जीत दर्ज कर गठबंधन की ताकत को एक बार फिर साबित किया। बताया गया कि एनडीए के पांचवें उम्मीदवार शिवेश कुमार को द्वितीय वरीयता के वोटों के आधार पर जीत मिली। हालांकि दिलचस्प बात यह रही कि उन्हें कुल मिलाकर सबसे अधिक मत प्राप्त हुए। इस चुनाव में पांचवीं सीट को लेकर काफी राजनीतिक हलचल भी देखने को मिली थी।
पांचवीं सीट पर हुआ था कड़ा मुकाबला
राज्यसभा की पांचवीं सीट को लेकर मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया था। महागठबंधन की ओर से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने अमरेंद्र धारी सिंह को मैदान में उतारा था। इसी वजह से इस सीट के परिणाम को लेकर आखिरी समय तक सस्पेंस बना रहा। हालांकि मतदान के बाद बने गणित में एनडीए को बढ़त मिल गई और अंततः सभी पांचों सीटें उसके खाते में चली गईं। इसे बिहार की राजनीति में एनडीए के लिए बड़ी जीत माना जा रहा है।
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने से बदल सकते हैं राजनीतिक समीकरण
इस चुनाव का सबसे बड़ा राजनीतिक असर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने से पड़ सकता है। अगर वह ऊपरी सदन के सदस्य बनते हैं तो उन्हें बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ सकता है। ऐसे में राज्य में नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चा तेज हो सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस फैसले से बिहार की सत्ता और संगठन दोनों स्तरों पर बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
JDU ने दी जीत पर प्रतिक्रिया
जीत के बाद जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने सभी विजयी उम्मीदवारों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह परिणाम पहले से ही तय माना जा रहा था। संजय झा के मुताबिक एनडीए के सभी दल एकजुट होकर चुनाव लड़ रहे थे और इसका नतीजा भी सामने आ गया है। उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा चुनाव में जिस तरह गठबंधन ने एकजुटता दिखाई थी, उसी तरह राज्यसभा चुनाव में भी सहयोग बना रहा।
विपक्ष ने लगाए खरीद-फरोख्त के आरोप
राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद विपक्षी दलों ने सत्ता पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महागठबंधन के नेताओं का कहना है कि चुनाव में विधायकों की खरीद-फरोख्त की गई है। जानकारी के अनुसार इस चुनाव में जीत के लिए एक उम्मीदवार को 41 वोटों की जरूरत थी। लेकिन महागठबंधन के चार विधायक मतदान के दौरान मौजूद नहीं रहे। इनमें कांग्रेस के तीन और राजद का एक विधायक शामिल बताया जा रहा है। इन चार विधायकों की अनुपस्थिति से चुनाव का पूरा गणित बदल गया।
वोटिंग का पूरा आंकड़ा
राज्यसभा चुनाव में एनडीए के सभी 202 विधायकों ने मतदान किया। वहीं महागठबंधन के चार विधायक वोटिंग में शामिल नहीं हुए, जिससे विपक्ष को नुकसान उठाना पड़ा। हालांकि एआईएमआईएम के पांच विधायकों ने महागठबंधन का समर्थन किया था, लेकिन इसके बावजूद विपक्ष जीत हासिल नहीं कर सका। इस परिणाम को महागठबंधन के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
इन नेताओं का कार्यकाल हो रहा समाप्त
बिहार से राज्यसभा के जिन सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल में खत्म हो रहा है, उनमें अमरेंद्र धारी सिंह, प्रेमचंद गुप्ता, रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह शामिल हैं। इन सीटों के लिए हुए चुनाव के बाद अब राज्यसभा में बिहार का नया प्रतिनिधित्व तय हो गया है, जिसका असर आने वाले समय में राज्य और राष्ट्रीय राजनीति दोनों पर पड़ सकता है।
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