पटना, (पंजाब केसरी) : वंचित समाज पार्टी के चुनाव अभियान समिति के चेयरमैन ललित सिंह ने कहा कि विपक्षी एकता के नाम पर यूपीए (महागठबंधन) के लोग सत्ता हथियाने के नाम पर एकजुट हुए हैं, लेकिन प्रतिदिन कोई इधर जा रह है तो कोई उधर जा रहा है। सभी अपनी डफली बजा रहे हैं। बिहार की चिंता किसी को नहीं है। उन्होंने केंद्र और बिहार सरकार को अंधे और बहरों की सरकाार बताते हुए कहा कि इन लोगों ने कभी बिहार के विषय में नहीं सोचा। उन्होंने कहा कि बिहार में अब तक जितनी भी सरकारें बनी उन्होंने कभी बिहार में औद्योगीकरण के लिए नहीं सोचा यही कारण है कि आज यह राज्य पिछड़ा है और लोग भटक रहे हैं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने तेजस्वी को साथ लाकर एक चाल चली थी लेकिन अब दोेनों अलग-अलग चल रहे है। सिंह ने कहा कि जिस तरह से लाॅकडाउन खोला जा रहा है, वह इस बात का द्योतक है कि अब बिहार में सामुदायिक संक्रमण होने वाला है। सरकार ने लोगों को मरने के लिए छोड़ दिया। लोग बच गए, तो वह उनकी किस्मत है। उन्होंने कहा कि कोरोना की आड़ में बिहार सरकार एक लाख से ज्यादा बुनकर, 5 लाख से ज्यादा नियोजित षिक्षक और 3 लाख से उपर ज्ूनियर वकील को आर्थिक संकट में डाले हुए हैं। ऐसी स्थिति में सरकार है कहां? सरकार चंद अधिकारियों की जेब में है और पूरे राज्य में लूट खसोट का बाजार गर्म है।
केंद्र और बिहार सरकार को अंधे और बहरों की सरकार है: ललित सिंह
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वंचित समाज पार्टी के चुनाव अभियान समिति के चेयरमैन ललित सिंह ने कहा कि विपक्षी एकता के नाम पर यूपीए (महागठबंधन) के लोग सत्ता हथियाने के नाम पर एकजुट हुए हैं, लेकिन प्रतिदिन कोई इधर जा रह है तो कोई उधर जा रहा है।


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