बिहार एनडीए में सीटों के बंटवारे को लेकर अभी तक कुछ साफ़ नहीं हुए है इसी को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज शाम दिल्ली पहुंचेंगे और 24 दिसंबर को पटना वापस जाएंगे। सीएम नीतीश की पहले बीजेपी नेताओं से और उसके बाद तीनों दलों की आपस में बैठक होने की संभावना है। इसके साथ ही जदयू के साथ आने के बाद सीटों की संख्या फिर से तय होने के साथ हर दल के हिस्से की सीटों को नए सिरे से चिन्हित किया जाना है।
इसमें लोजपा की सीटें भी प्रभावित हो रही है। यह बीजेपी के लिए भी चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि अभी उसके 22 सदस्य हैं, जबकि गठबंधन के बाद 17 सीटें ही हिस्से में आई हैं। ऐसे में पांच सदस्यों की सीटें कटना तय है। वहीं जदयू सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों के आधार पर 2009 के फार्मूले के आधार पर सीटों का बंटवारा करने के लिए दबाव बना रही है।
एलजेपी द्वारा हाल एनडीए और खासकर बिहार में गठबंधन में सब कुछ ठीक नहीं होने के संकेत के बाद गुरुवार को रामविलास पासवान और चिराग पासवान ने दिल्ली में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की। बैठक में अरुण जेटली, पशुपति पारस और भूपेंद्र यादव भी मौजूद थे। इस मुलाकात में क्या चर्चा हुई इसकी जानकारी अभी तक नहीं आई है।
अमित शाह से मुलाकात से पहले एलजेपी चीफ रामविलास पासवान और उनके बेटे चिराग पासवान ने बिहार बीजेपी प्रभारी भूपेंद्र यादव से मुलाकात। सूत्रों के अनुसार लोजपा पिछली बार जितनी ही यानी सात सीटों पर दावा जता रही है। साथ ही एक राज्यसभा सीट भी मांग रही है। राज्यसभा सीट का वादा होने पर लोकसभा सीटें कम भी हो सकती हैं।
बैठक के बाद किसी भी नेता ने कोई टिप्पणी नहीं की। बैठक से बाहर निकले नेताओं के चेहरों की गंभीरता से लग रहा था कि कुछ और पेंच भी फंसे हुए हैं।


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