बिहार विधानसभा में लखीसराय घटना को लेकर विपक्ष और सत्तापक्ष में जारी नोंकझोंक के बीच एक पल ऐसा आया जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपना आप खो बैठे। विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा ने कहा कि लखीसराय की घटना पर पुलिस खानापूर्ति कर रही है। इसपर नीतीश कुमार ने कहा कि हमारी सरकार ना किसी को बचाती है।
लखीसराय के एक मामले पर विधानसभा में आए दिन हो रहे हंगामे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आपत्ति जताते हुए कहा कि “एक ही मामले को रोज-रोज उठाने का कोई मतलब नहीं। हम उसपर जरूर विचार करेंगे।” उन्होंने कहा कि “यह मामला विशेषाधिकार समिति को दिया गया है, जो रिपोर्ट पेश करेगी, हम उसपर जरूर विचार करेंगे और देखेंगे की कौन सा पक्ष सही है।”
बिहार विधान सभा में उस समय @NitishKumar अपना आपा खो बैठे जब विधान सभा अध्यक्ष के विधान सभा क्षेत्र के सवाल पर उन्होंने अध्यक्ष विजय सिन्हा का नियमन सुना @ndtvindia @Anurag_Dwary @Suparna_Singh pic.twitter.com/6BfC98wH3E
— manish (@manishndtv) March 14, 2022
मुख्यमंत्री ने कहा कि “अपराध के मामले में रिपोर्ट कोर्ट में जाता है। उन्होंने आक्रामक तेवर में कहा ऐसा मत करिए जो चीज जिसका अधिकार है, उसको करने दीजिए. किसी तरह का भ्रम है, तो बातचीत की जाएगी।” मुख्यमंत्री ने आसान की ओर इशारा कर यहां तक कह दिया कि संविधान का खुलेआम उल्लंघन हो रहा। उन्होंने कहा कि इस तरह सदन नहीं चलेगा।
विधानसभा अध्यक्ष सिन्हा ने कहा कि “यह मेरे क्षेत्र का मामला है है। जब भी क्षेत्र में जाता हूं तो लोग सवाल पूछते हैं कि थाना प्रभारी और डीएसपी की बात नहीं कह पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आसन को हतोत्साहित करने की बात ना हो।” उन्होंने यह भी कहा, “मुख्यमंत्री जी आप हमसे ज्यादा जानते हैं, मैं आपसे सीखता हूं। आपलोगों ने ही मुझे यहां बैठाया है।”
विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने भी कहा कि “आप ही बोलिए, जैसे आप कहेंगे, वैसे ही चलेगी।” उल्लेखनीय है कि लखीसराय के डीएसपी और दो थाना प्रभारी पर विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगा है। भाजपा और राजद के विधायक इसे लेकर हंगामा करते रहे हैं।


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