कोरोना संक्रमण से मुक्ति के लिए बहुप्रतीक्षित कोरोना टीकाकरण का कार्य शनिवार को पूरे देश में प्रारंभ हो गया। बिहार में भी टीकाकरण का कार्य पटना के इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (आईजीआईएमएस) से प्रारंभ किया गया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय भी उपस्थित रहे। बिहार में पहला टीका आईजीआईएमएस के सफाई कर्मचारी राम बाबू को लगा, वहीं दूसरा टीका इसी संस्थान के एम्बुलेंस चालक अमित कुमार को लगाया गया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, “शनिवार को टीकाकरण का कार्य प्रारंभ हो गया है। जिस तरह देश में इसकी पूरी तैयारी है, उसी तरह यहां भी पूरी तैयारी है। टीकाकरण की यहां भी शुरुआत हो गई है और हमलोग इस मौके पर उपस्थित रहे हैं।”
कोरोना टीकाकरण के शुरू होने के मौके पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बताया कि शुरुआती दौर में कोरोना को लेकर कोई जानकारी नहीं थी, लेकिन हमारे वैज्ञानिकों और डॉक्टरों ने इस महामारी को हराने के लिए दिन-रात काम किया और कोरोना पर जीत हासिल की।
उन्होंने कहा कि राज्य में 300 केंद्रों पर टीकाकरण का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शनिवार को 30 हजार स्वास्थकर्मियों को टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि टीकाकरण के लिए पहली प्राथमिकता स्वास्थ्यकर्मी हैं, जिसमें डॉक्टर, नर्स, एम्बुलेंस ड्राइवर, लैब टेक्नीशियन और सफाई कर्मचारी शामिल हैं। इसके बाद फ्रंटलाइन वॉरियर्स को टीका लगाया जाएगा।


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