भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी-लेनिनवादी (भाकपा-माले) बिहार की नीतीश सरकार में शामिल नहीं होगी लेकिन सरकार को बाहर से समर्थन जारी रहेगा।भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने पार्टी के विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके आवास पर मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को धर्मनिरपेक्ष दलों के साथ मिलकर सरकार बनाने के लिए बधाई दी और उन्हें पूरा सहयोग तथा समर्थन देने का भरोसा दिलाया।
इससे पहले पार्टी कार्यालय में भाकपा-माले पोलित ब्यूरो की बैठक में तय हुआ कि पार्टी के विधायक नीतीश मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होंगे, लेकिन पार्टी का समर्थन सरकार को जारी रहेगा। बैठक के बाद भट्टाचार्य ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि बिहार की सत्ता से भाजपा को बेदखल किया जाना पूरे देश के लिए एक सकारात्मक घटना है। राज्य में गैरभाजपा सरकार का गठन संविधान और लोकतंत्र पर हमले के खिलाफ संघर्षशील ताकतों के लिए नई उम्मीद पैदा करती है।
भट्टाचार्य ने नई सरकार से भूमि सुधार और शिक्षा आयोग की रिपोर्ट को लागू करने, उच्च शिक्षा में राज्यपाल सह कुलाधिपति की भूमिका सीमित करने, सरकारी नौकरी में सभी रिक्त पदों को भरने, 10 लाख लोगों को रोजगार देने का वादा पूरा करने, अग्निपथ समेत अन्य रोजगार आंदोलनों के साथ ही अन्य सामाजिक-राजनीतिक आंदोलनों के क्रम में दर्ज मुकदमों को वापस लेने, आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकर्ता और रसोईया समेत सभी सरकारी योजना से जुड़े कर्मियों को सम्मानजनक मासिक मानदेय देने, अल्पसंख्यक, महिला, अनुसूचित जाति-जनजाति और मानवाधिकार समेत अन्य आयोगों का पुनर्गठन करने, शराब माफियाओं पर कार्रवाई करने, स्मार्ट सिटी बनाने के नाम पर बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए एक भी परिवार का घर नहीं तोड़ने तथा नए सर्वे के आधार पर आवास-वास नीति बनाने की मांग की।


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