बिहार की प्रमुख विपक्षी पार्टी राजद के विधायक अरुण यादव ने दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के खिलाफ टिप्पणी करते हुए कहा कि वह राजपूत नहीं हो सकते, क्योंकि महाराणा प्रताप के वंश से जुड़े लोग आत्महत्या नहीं कर सकते। सहरसा नगर विधानसभा क्षेत्र से राजद विधायक ने बुधवार को अभिनेता के बारे में कहा, हम तो कहते हैं कि वह (सुशांत) ‘राजपूत’ नहीं था।
राजपूत, महाराणा प्रताप के संतान गले में डोरी बांधकर नहीं मर सकता।’’ उन्होंने कहा, “महाराणा प्रताप राजपूतों के पुरखा हैं। वह हम यादवों के भी पुरखा हैं। हमें दुख है, सुशांत सिंह राजपूत को आत्महत्या नहीं करनी चाहिए थी। वह अगर राजपूत था, तो मुकाबला करता।
राजपूत कहीं आत्महत्या करता है।’’ यादव की इस टिप्पणी की सत्तारूढ़ जदयू और भाजपा ने निंदा करते हुए राजद विधायक को राज्य के लोगों और सुशांत के प्रशंसकों से माफी मांगने को कहा है।
जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा, “सुशांत सिंह राजपूत की मौत पर राजद विधायक के बयान से ज्यादा विचित्र और शर्मनाक बयान नहीं हो सकता है। विधायक को राज्य के लोगों और सुशांत के प्रशंसकों से माफी मांगनी चाहिए।’’
भाजपा प्रवक्ता निखिल आनंद ने कहा, ‘‘राजद विधायक अरुण यादव की सुशांत सिंह राजपूत की संदेहास्पद मृत्यु के मामले में टिप्पणी बिल्कुल अनर्गल और जातिवादी मानसिकता से ग्रसित है। इससे पहले भी तेजप्रताप ने रघुवंश बाबू को समुंदर में एक लोटा पानी बताकर बाहर फेंकने की बात की।
इन सबसे प्रतीत होता है कि राजद के नेतागण आदतन इस तरह की घटिया बयानबाजी के लिए ही बने है। ये लोग बिल्कुल ही है आदतन गलती करने वाले लोग हैं।”
उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव को चाहिए कि वे राजद विधायक की ओर से बिहार के बेटे सुशांत सिंह राजपूत के खिलाफ अनर्गल जातिवादी टिप्पणी पर सार्वजनिक माफ़ी माँगे। सुशांत सिंह राजपूत के मौत के मामले की जांच फिलहाल सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय और एनसीबी द्वारा की जा रही है।


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