सिन्हा ने कहा कि नशीली मादक द्रव्यों का प्रचलन राज्य में काफी बढ़ चुका है। यह उजला जहर अब धीरे-धीरे स्कूल और कॉलेज में प्रवेश कर चुका है। यहां किशोरों और युवाओं में इसकी लत लग गई है। लड़का- लड़की दोनों इसका सेवन कर रहे हैं। अब चुनौती यह है कि किस प्रकार युवा पीढ़ी को बचाई जाए। सिन्हा ने कहा कि चाहे जहरीली शराब हो या फिर उजला जहर, इनके कारोबारी को इस माध्यम से अकूत पैसा कमाने का लत लग गया है। इनके सामने नैतिक और मानवीय मूल्यों का कोई महत्व नहीं है, और सभी मूल्य धराशायी हो गए हैं। जबतक इनपर इमानदारी से कानूनी शिकंजा नहीं कसेगा यह मानने वाले नहीं हैं। सिन्हा ने कहा कि यदि सरकार पूर्ण नशाबंदी का संकल्प लेगी तो भाजपा इसका पूर्ण समर्थन के लिए तैयार है। भाजपा ने शराबबंदी में भी सरकार का साथ दिया था। लेकिन सरकार की कभी भी पूर्ण शराबबंदी की मंशा नहीं रही है।इसी का परिणाम राज्य में जहरीली शराब से मौत का तांडव हो रहा है। शराबबंदी के बावजूद पूरे राज्य में घर-घर शराब की डिलीवरी हो रही है। इस अवैध आपूर्ति से अकूत कमाई की जा रही है और सत्ता में बैठे लोगों को भी हिस्सा मिल रहा है।
सिन्हा ने कहा कि शराब माफियाओं पर मिशन मोड में करवाई कर उन्हें ध्वस्त किया जाए। आज तो मुख्यमंत्री खुद ही बोले हैं कि लोग पी लेता है। मुख्यमंत्री को राजधर्म का पालन कर शराब आपूर्ति के पुरे चेन पर प्रहार करना होगा।


Download Android App
Download iOS App



