‘भगवान राम’ को लेकर देश की सियासत का तापमान अकसर अपने चरम पर रहता है। कभी कोई नेता समर्थन में तो कोई विरोध में ऐसा बयान दे देता है जो चर्चा का कारण बनता है। इस बीच बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी-जेडीयू सरकार के सहयोगी जीतन राम मांझी ने एक बार फिर भगवान राम पर विवादित टिप्पणी की।
हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) प्रमुख मांझी ने कहा है कि वह भगवान राम को नहीं मानते हैं। इसके साथ ही उन्होंने खुद को माता सबरी का वंशज बताया। पूर्व मुख्यमंत्री ने जमुई जिले के सिकंदरा प्रखंड क्षेत्र के लछुआड़ में बाबा साहब भीम राव आंबेडकर की जयंती और माता सबरी महोत्सव समारोह में छूआछूत की समस्या पर बात करते हुए यह विवादित बयान दिया।
राबड़ी देवी बनी बिहार विधान परिषद में विपक्ष की आवाज, चुनी गए नेता प्रतिपक्ष
जीतन राम मांझी ने कहा, ”हम तुलीदास जी को मानते हैं, वाल्मीकि जी को मानते हैं। लेकिन राम को हम नहीं मानते, लेकिन आप यदि कहते हैं हम राम को मानते हैं। राम तो हमारी मां सबरी, जिसको हम कहते हैं, देखा नहीं था कहानी है, राम ने सबरी का झूठा खाए थे, आज हमारा छुआ हुआ तो खाइए आप, आज हमारा छुआ हुआ नहीं खाते हैं। यही राम की बात करते हैं आप। अपना हित में बड़े लोग हम लोगों को बांट दिया है शासन करने के लिए।”
भगवान राम को बता चुके हैं काल्पनिक चरित्र
हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा प्रमुख मांझी ने पिछले साल भी इस तरह का विवादित बयान दिया था और कहा था कि वह राम को भगवान नहीं मानते। भगवान राम को काल्पनिक चरित्र बताते हुए मांझी ने कहा था कि वह कभी उनकी पूजा नहीं करते हैं और अपने समर्थकों से भी राम की पूजा नहीं करने को कहते हैं। इसी दौरान उन्होंने ब्राह्मणों को लेकर भी विवादित बयान दिया था, जिस पर जमकर सियासत हुई थी।


Download Android App
Download iOS App



