पटना : हिस्ट्रोस्कोपी से यूटरस के अंदर गांठ है, या स्टोन या फिर और कोई परेशानी, इसका पता अब आसानी से चल जायेगा। पहले यूटरस में कोई गडबडी होने पर तुरंत सफाई करने को कहा जाता था, पर अब सटीक कारण का पता चल जायेगा। इस प्रक्रिया में दूरबीन के जरिये यूटरस के किसी अनियमितता को पकड लेना बहुत सरल हो गया है। बांझपन के सही जांच पडताल और उसके निदान के लिए हिस्ट्रोस्कोपी के ग्लोबल विजार्ड डॉ ओसामा शावकी आज कंकडबाग स्थित आस्थालोक हॉस्पिटल में बिहार झारखंड के 100 से अधिक स्त्री एवं प्रसव रोग विषेशज्ञों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने लाइव डिमोन्सट्रेशन के जरिये इस विधि को वहां उपस्थित चिकित्सकों को रु ब रु कराया।
डॉ शावकी इजिप्ट के रहनेवाले हैं और पूरी दुनिया में हिस्ट्रोस्कोपी के जनक के रुप में जाने जाते हैं। मास्टर ट्रेनर के रुप में ख्याति प्राप्त डॉ ओसामा कई देषों में स्त्री एवं प्रसव रोग विषेशज्ञों को हिस्ट्रोस्कोपी के तकनीक से परिचित कराते हैं। डॉ ओसामा 13 फरवरी को भी पटना में रहेंगे। इसके पहले डॉ प्रो ओसामा शावकी का स्वागत करते हुए आयोजक प्रसिद्व स्त्री रोग विषेशज्ञ एवं एनएमसीएच की असिस्टेंट प्रो डॉ नीलू प्रसाद ने बताया कि पोस्ट मेनोपॉज में मासिक अनियमितता से ग्रसित महिलाओं के लिए भी यह प्रक्रिया काफी लाभकारी है।
मुख्य अतिथि विख्यात स्त्री एवं प्रसव रोग विषेशज्ञ डॉ मंजू गीता मिश्रा ने बताया कि ट्रेनिंग कम हिस्ट्रोस्कोपी स्किल्स बिल्डिंग कोर्स के आयोजन से चिकित्सकों को तो लाभ मिलेगा ही, अल्टीमेटली इसका फायदा मरीजों को मिलेगा। आस्थालोक हॉस्पिटल के एमडी डॉ महेश प्रसाद ने कहा कि एडवांस सर्जरी के इस प्रोग्राम में पीओजीएस की प्रेसीडेंट डॉ नीलम एवं फॉगसी सेकेटरी डॉ प्रज्ञा मिश्रा भी उपस्थित थीं। ओटी के बाहर चिकित्सकों को इंटरेक्टिव सेषन का लाभ ऑडियो वीडियो के माध्यम से भी मिला।


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