बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने रविवार को कहा कि उन्होंने ऐसा कभी नहीं कहा कि उनकी पार्टी महागठबंधन से अलग होगी। मांझी ने हाल ही में प्रदेश में विपक्षी दलों के महागठबंधन से बाहर जाने के संकेत दिए थे।
हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) के युवा प्रकोष्ठ की समीक्षा बैठक के बाद मांझी ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हमने कभी नहीं कहा कि महागठबंधन से अलग होंगे। इसी शर्त पर आए थे कि महागठबंधन की समन्वय समिति का गठन किया जाएगा और जो भी निर्णय लिए जाएंगे इस समिति के माध्यम लिए जाएंगे। अगर इस समिति का गठन नहीं होगा तो हम उनके साथ नहीं रहेंगे।’’
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उन्होंने कहा कि 13 नवंबर को होने वाले महागठबंधन के महाधरना में हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा सेक्युलर तभी शामिल होगी जब इस गठबंधन में समन्वय समिति का गठन होगा।
हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा की बृहस्पतिवार को पटना में आयोजित केंद्रीय एवं राज्य कार्यकारिणी की बैठक के बाद मांझी के बिहार विधानसभा 2020 के चुनाव स्वतंत्र रूप में लड़ने के अपने पुराने निर्णय को दोहराये जाने पर उनके महागठबंधन के अलग होने के कयास लगाए जाने लगे थे। उन्होंने कहा था कि महागठबंधन में समन्वय समिति का नहीं होने एवं सर्वसम्मति से निर्णय नहीं होने की स्थिति में ऐसा निर्णय लिया गया है।


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