Bihar: बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने मनीष कुमार वर्मा को पार्टी का नया राष्ट्रीय सचिव मनोनीत किया है। काफी समय से यह चर्चा थी कि नीतीश कुमार उन्हें जदयू में बड़ी जिम्मेवारी देंगे। दो दिन पहले ही मनीष वर्मा विधिवत रूप से जदयू की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की थी।
Highlights:
- JDU में मनीष वर्मा को मिली बड़ी जिम्मेदारी
- मनीष वर्मा ने दो दिन पहले ही विधिवत रूप से ग्रहण की थी जदयू की सदस्य्ता
- 2000 कैडर के अधिकारी और मूलरूप से नालंदा के रहने वाले हैं
नीतीश कुमार के अतिरिक्त परामर्शी रहे मनीष वर्मा को लेकर लोकसभा चुनाव से पहले ही यह चर्चा थी कि वो सक्रिय राजनीति में आयेंगे। उनके नालंदा से चुनाव लड़ाने की भी चर्चा थी. पिछले दिनों राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दिल्ली में हुई बैठक में भी उनके नाम की चर्चा थी।
आखिर कौन हैं मनीष वर्मा ?
मनीष कुमार वर्मा मूल रूप से नालंदा के रहने वाले हैं और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जाति से आने के साथ-साथ उनके करीबी रिश्तेदार भी बताए जाते हैं. मनीष कुमार वर्मा 2000 में ओडिशा कैडर के आईएएस अधिकारी बने और ओडिशा के कालाहांडी में सब कलेक्टर बनाए गए थे। इसके बाद वह गुनपुर, रायगढ़ में एसडीएम के पद पर रहे।
मुख्यमंत्री के सचिव के रूप में रह चुके हैं कार्यरत
मनीष कुमार वर्मा को नौकरी के पांच साल बाद पहली बार मलकानगिरी जिले का डीएम बनाया गया था। 2012 तक वह ओडिशा में कई जिलों के डीएम रहे, लेकिन 2012 के बाद ओडिशा को छोड़कर इंटर स्टेट डेपुटेशन में पांच साल के लिए बिहार आ गए। बिहार में पांच साल रहने के दौरान पटना का भी DM बनाया गया और मुख्यमंत्री के सचिव के रूप में भी काम करने का मौका दिया गया।
पटना और पूर्णिया के रह चुके हैं डीएम
23 मार्च 2018 को पांच साल पूरा हुआ तो भारत सरकार की मंत्रिमंडलीय नियुक्ति समिति की ओर से पत्र जारी किया गया और इन्हें वापस ओडिशा भेजा जाने लगा तो मनीष कुमार वर्मा ने इनकार कर दिया। वीआरएस लेकर उन्होंने नौकरी छोड़ दी। मनीष कुमार वर्मा 2014 में पटना के जिलाधिकारी के पद पर रह चुके हैं. इसके बाद उन्हें पूर्णिया का भी डीएम बनाया गया था।


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