बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आबादी के हिसाब से आरक्षण की मांग का समर्थन करते हुए आज कहा कि वर्ष 2021 की जनगणना जातीय आधार पर करायी जानी चाहिए ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके। श्री कुमार ने लोक संवाद कार्यक्रम के बाद अपने सरकारी आवास एक अणे मार्ग में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि वर्ष 2021 की जनगणना जातीय आधार पर कराये जाने की जरूरत है।
जातीय जनगणना होने पर पता चलेगा कि किस जाति की कितनी आबादी है। खासकर अन्य पिछड़ जातियों (ओबीसी) के बारे में स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यकों की जानकारी तो जनगणना में मिल जाती है, लेकिन अन्य जातियों की आबादी की ठीक-ठीक जानकारी नहीं मिल पाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में ओबीसी की अनेक ऐसी जातियां हैं जिनको संविधान से मिले आरक्षण का लाभ अभी भी नहीं मिल पा रहा है। जातीय जनगणना के बाद उनकी आबादी की सही तस्वीर सामने आ जाएगी। उन्होंने कहा कि आबादी के हिसाब से आरक्षण की बार-बार मांग हो रही है, जिसका वह समर्थन करते हैं।


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