नीतीश कुमार को पीएम पद के उम्मीदवार बनने को लेकर गठबंधन दल उनकों आगे बढ़ा रहे हैं। आरजे़ड़ी के हैवीवेट नेता जगंदानंद ने कहा की नीतीश कुमार 2023 में ही तेजस्वी यादव को सीएम की कुर्सी सौंपकर केंद्रिय राजनीति में आ जाएंगे। जिसके बाद से ही बिहार मे सियासी गहमागहमी शुरू हो गई हैं। जगदानंद ने कहा की 2022 बीतने के बाद नीतीश कुमार देश की लड़ाई लडेंगे व बिहार तेजस्वी यादव को सौंप देंगे। लालू यादव भी नीतीश कुमार को पीएम का उम्मीदवार बनाने के पक्ष में है। लालू यादव ने मीडिया से कहा था की समय आने पर तेजस्वी यादव बिहार के सीएम जरूर बनेंगे। जगंदानंद के बयान के कारण बिहार को सियासी हवा लग गई हैं। इससे पहले आरजेडी नेता बोल रहे थे की तेजस्वी यादव को बिहार का सीएम बनने की इतनी जल्दी नहीं हैं।
बिहार सरकार का कार्यकाल 2025 तक
बिहार सरकार का कार्यकाल 2025 तक हैं , लेकिन नेताओं के बयानों से प्रतीत होता हैं की नीतीश कुमार दिल्ली जाने से पहले तेजस्वी यादव को बिहार का सीएम बनाकर ही जाएंगे। नीतीश कुमार बीच में ही तेजस्वी यादव को बिहार की जिम्मेदारी सौंप देंगे। अगर नीतीश कुमार दिल्ली जाते हैं तो उन्हें बिहार के सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ेगा। ऐसे तेजस्वी यादव ही बिहार की सीएम कुर्सी पर विराजमान होंगे। बिहार सरकार के पास इस कार्यकाल में सिर्फ 3 साल बचे हैं। लालू यादव नीतीश कुमार पीएम पद का उम्मीदवार बनाने को लेकर सोनिया गांधी से मुलाकात कर चुके हैं। लेकिन नीतीश कुमार लगातार पीएम पद की उम्मीदवारी को लेकर मना करते आए हैं।
आरजेड़ी पहले भी कर चुकी हैं तेजस्वी यादव को सीएम बनाने की मांग
जगदानंद का बयान कोई नया नहीं हैं , इनसे पहले भी कई आरजेड़ी नेता नीतीश कुमार से तेजस्वी यादव को सीएम बनाने की मांग कर चुके हैं। लेकिन जगदानंद सिंह लालू यादव के बाद आरजेडी के सबसे बड़े नेता हैं। जगदानंद ने ही नीतीश कुमार आश्रम मे जनसंचार खोलने की बात कही थी। जिसके बाद दोनों दलों के नेताओं में आपस में टकराव की स्थिति बन गई थी।


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