पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पश्चिम बंगाल की वर्तमान परिस्थितियों के सन्दर्भ में सोमवार को कहा कि आचार संहिता लागू होने के पहले तक चुनावी फायदे के लिए लोग तरह-तरह के हथकंडे अपनाएंगे। पटना के एक, अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित लोकसंवाद कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान पश्चिम बंगाल की वर्तमान परिस्थितियों के सन्दर्भ में पूछे जाने पर नीतीश ने कहा कि यह मामला कोर्ट में है इसलिए इसपर कुछ भी बोलना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि अभी देश में चुनावी माहौल है और करीब एक माह बाद आदर्श आचार संहिता लागू होने वाली है, ऐसी स्थिति में आचार संहिता लागू होने के पहले तक चुनावी फायदे के लिए लोग तरह-तरह के हथकंडे अपनाएंगे। इससे मीडिया कवरेज मिलती है। नीतीश ने कहा कि हर परिस्थिति में हम लोग संवैधानिक व्यवस्था, कानूनी व्यवस्था और जो अच्छी परम्पराएं हैं, उसको अपनाकर ही चलते हैं। इस मसले पर सीबीआई और ममता बनर्जी ही बता सकती हैं। लोगों को देश की चिंता नहीं वोट की चिंता है।
पश्चिम बंगाल की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए वहां राष्ट्रपति शासन को लेकर पूछे गए एक प्रश्न पर नीतीश ने कहा कि कांग्रेस जब चरम पर थी, तब बड़ी आसानी से राष्ट्रपति शासन लागू हो जाता था लेकिन अब यह स्थिति नहीं है। वर्ष 2005 में बिहार में भी राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पश्चिम बंगाल में जनसभा किए जाने की अनुमति नहीं दिए जाने के बारे में पूछे जाने पर नीतीश ने कहा कि किसी को कहीं सभा करने की अनुमति नहीं दी जाए यह आश्चर्य का विषय है। किसी को भी कहीं भी सभा करने का अधिकार है। सभी को इजाजत मिलनी ही चाहिए। उन्होंने कल पटना में आयोजित कांग्रेस की जन आकांक्षा रैली की ओर इशारा करते हुए कहा कि ऐसा तो देश भर में कहीं नहीं होता कि कहीं कोई सभा करना चाहे तो उसकी इजाजत नहीं दी जाए ।


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