बिहार में कोरोना टीकाकरण को लेकर एक और फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। दरअसल, पटना की सिविल सर्जन विभा कुमारी सिंह द्वारा कोरोना वैक्सीन की पांच डोज़ लिए जाने की जानकारी सामने आई है, जबकि सर्जन ने पांच डोज़ लिए जाने की बात को ख़ारिज कर दिया। मामला सामने आने के बाद बिहार सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं।
सिविल सर्जन कहा कि उन्होंने अपने आधार नंबर के माध्यम से कोविशील्ड टीके की दो निर्धारित खुराक एवं नियम के अनुसार एक ‘बस्टर’ डोज़ ली है। उन्होंने कहा कि आधार नंबर के अलावा किसी भी अन्य पहचान-पत्र का प्रयोग उनके स्तर से नहीं किया गया है।
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साथ ही कहा, “मेरे अन्य पहचान-पत्र का दुरुपयोग जिस स्तर से भी हुआ है, उसकी पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाए। किसी और ने पैन कार्ड के विवरण का उपयोग करके टीका लिया था।” कोविन पोर्टल के अनुसार, उन्होंने 28 जनवरी, 2021 को टीके की पहली खुराक ली और 12 मार्च, 2021 को दूसरी खुराक के लिए पंजीकरण कराया। मार्च, 2021 तक उनका टीकाकरण पूरा हो चुका था।
सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक, उन्होंने पैन कार्ड का इस्तेमाल करते हुए दो और तारीखों में तीसरी और चौथी बार खुराक ली। 13 जनवरी, 2022 को उन्हें पांचवीं बार ‘एहतियाती’ खुराक मिली। पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह ने कहा, “प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”


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