जनता दल (युनाइटेड) ने सोमवार को कहा कि विपक्ष कृषि कानूनों का विरोध कर रहा है, लेकिन यह बता नहीं पाया कि उसे इन कानूनों के किस प्रावधान से आपत्ति है। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद पर चर्चा में भाग लेते हुए लोकसभा में जदयू के नेता राजीव रंजन सिंह ने कहा कि अभिभाषण के दौरान जो विपक्ष का रवैया लोकतांत्रिक परंपरा के लिए ठीक नहीं है।
आप सहमत हो सकते हैं, असहमत हो सकते हैं, लेकिन संवैधानिक संस्था को अपमानित करना स्वस्थ लोकतंत्र नहीं है। इसकी जितनी निंदा की जाए वो कम है। उन्होंने आरोप लगाया कि वैश्विक महामारी के समय जब पूरे देश को एकजुट होना चाहिए था तो विपक्ष प्रधानमंत्री की आलोचना में लगे थे।
जदयू सांसद ने कहा कि किसी नेता ने नहीं बताया कि तीनों कानूनों में किन किन प्रावधानों से आपत्ति है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी शंकाओं को दूर कर इन कानूनों को पारित किया गया। उन्होंने दावा किया कि इन कानूनों से कोई नुकसान नहीं होगा।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए सिंह ने पूछा कि क्या आप चाहते हैं कि किसान सिर्फ मंडियों और आड़तियों के पास उपज बेचे। किसान को जहां ज्यादा कीमत मिल रही है, वहां उपज बेचेगा। जदयू नेता ने कहा कि बिहार में नीतीश कुमार ने 2006 में एपीएमसी को समाप्त कर दिया।
इसके बाद उत्पादन बढ़ा और अधिप्राप्ति भी बढ़ी। आज 45 लाख टन की खरीद किया गया। धान, गेहूं और कई दूसरी फसलों की उपज बढ़ गई। सिंह ने कहा कि कृषि उपज विपणन समिति (एपीएमसी) भ्रष्टाचार का अखाड़ा था, वहां लाखें की बोली लगती थी। एपीएमसी खत्म होने के बाद लोगों को बहुत राहत मिली है।


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